महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस पहुंचे आशाताई के आवास, नम आंखों से अर्पित की श्रद्धांजलि
मुंबई, 12 अप्रैल। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और बहुमुखी पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताया है। उन्होंने रविवार की शाम आशाताई के घर पहुंचकर पार्थिव शरीर के दर्शन किए और उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस यांनी ज्येष्ठ गायिका, पद्मविभूषण आणि महाराष्ट्र भूषण आशा भोसले यांच्या मुंबई येथील निवासस्थानी जाऊन त्यांचे अंत्यदर्शन घेतले व त्यांना भावपूर्ण श्रद्धांजली अर्पण केली.@Dev_Fadnavis #Maharashtra #Mumbai pic.twitter.com/yaQhp7GodG
— CMO Maharashtra (@CMOMaharashtra) April 12, 2026
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आशीष शेलार ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीरें साझा कीं। शेलार ने तस्वीरों के कैप्शन में लिखा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आशाताई के आवास पर जाकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके परिवार के सदस्यों को सांत्वना दी।
लता दीदी के बाद मंगेशकर परिवार का एक और सितारा टूट गया
इससे पहले मुख्यमंत्री फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘पद्म विभूषण और महाराष्ट्र भूषण से सम्मानित वयोवृद्ध गायिका आशाताई भोसले के निधन की खबर बेहद हृदयविदारक है। उन्होंने अभी तीन साल पहले ही अपना 90वां जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाया था। उनके निधन के साथ ही लता दीदी के बाद मंगेशकर परिवार का एक और सितारा टूट गया है। सुरों का वह खूबसूरत चमन आज वीरान हो गया है।’
वरिष्ठ गायिका, पद्म विभूषण, महाराष्ट्र भूषण आशाताई भोसले इनके निधन की खबर से स्तब्ध हूँ। आज पूरे भारत और विश्व के संगीत प्रेमियों के लिए बहुत ही दुःख की घड़ी है। एक बहुमुखी कलाकार के रूप में आशाताई इन्होंने शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप और रॉक तक हर शैली में अपनी अमिट छाप छोड़ी एवं… pic.twitter.com/y4i3D1YHPA
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गायन के क्षेत्र में आशाताई एक शाश्वत वसंत थीं और मधुर भावनाओं का एक विशाल सागर थीं
सीएम फडणवीस ने आगे लिखा कि आशाताई की आवाज संगीत की आत्मा थी। गायन के क्षेत्र में आशाताई एक शाश्वत वसंत थीं और मधुर भावनाओं का एक विशाल सागर थीं। ‘तोरा मन दर्पण कहलाए’ जैसे रूह को छू लेने वाले गीतों से लेकर ‘खल्लास’ जैसे गानों तक, उन्होंने अनगिनत भावों वाले गीत बड़ी सहजता से गाए। उन्होंने भक्ति गीत, भावपूर्ण धुनें, नाट्य संगीत, गजल, शास्त्रीय संगीत, रवींद्र संगीत, लोकगीत और पॉप जैसे विभिन्न शैलियों पर अपनी एक अनोखी छाप छोड़ी। मराठी, हिन्दी, बंगाली के साथ-साथ 20 अन्य भारतीय भाषाओं और विदेशी भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत गाने वाली आशाताई को ‘महाराष्ट्र भूषण’ की तर्ज पर ‘बांग्ला विभूषण’ जैसे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया था।
The melody has fallen silent, but its echo will remain immortal in our memories…
Deeply saddened by the demise of legendary singer and one of the foremost voices of Indian Music, Padma Vibhushan and Maharashtra Bhushan Ashatai Bhosle.
She was one of the versatile voices that… pic.twitter.com/PXKnWOEf33
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‘अभी न जाओ छोड़कर…’
उन्होंने कहा, “ऐसी बहुमुखी प्रतिभा की धनी गायिका, जिन्होंने बदलाव को इतनी सहजता से अपनाया, अब दोबारा नहीं आएंगी। अभी हाल ही में, ‘विश्व रेडियो दिवस’ के एक कार्यक्रम में जब हम साथ थे, तो उन्होंने मुझसे जिद करके अपने लिए ‘अभी न जाओ छोड़कर…’ गीत गवाया था और मजाकिया अंदाज में कहा भी था, ‘देखो, मैंने मुख्यमंत्री से अपने लिए गाना गवा लिया’। यह विचार ही असहनीय है कि अब हमें आशाताई का साथ नहीं मिलेगा। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवार और देशभर में फैले उनके असंख्य प्रशंसकों के दुख में उनके साथ हैं।”
