बैडमिंटन एशिया चैम्पियनशिप : आयुष शेट्टी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा, फाइनल में विश्व नंबर 2 शी यू की से हारे

निंगबो (चीन), 12 अप्रैल। भारत के युवा शटलर आयुष शेट्टी का यहां बैंक ऑफ निंगबो बैडमिंटन एशिया चैम्पियनशिप में स्वप्निल सफर रविवार को फाइनल में थम गया और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

BWF विश्व रैंकिंग में दूसरे नंबर के चीनी स्टार शी यू की ने निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर के कोर्ट नंबर एक पर 42 मिनट तक खिंचे फाइनल में विश्व नंबर 25 शेट्टी को 21-8, 21-10 से परास्त किया। आयुष की हार के साथ ही इस प्रतियोगिता में भारत का पुरुष एकल स्वर्ण पदक का 61 वर्षों से चल रहा इंतजार और खिंच गया।

फाइनल तक के सफर में शेट्टी ने उच्च रैंकिंग वाले 4 सितारों को शिकस्त दी

गौरतलब है कि इस प्रतियोगिता में पहली बार उतरे मेंगलुरु के 20 वर्षीय शटलर आयुष ने 24 घंटे पहले ही गत चैम्पियन व विश्व नंबर एक थाई स्टार कुनलावुत वितिदसार्न को स्तब्ध करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। चार दिनों के भीतर यह लगातार चौथा मुकाबला था, जब शेट्टी ने विश्व रैंकिंग में खुद से काफी ऊंची रैंकिंग वाले सितारों को चौंकाया था, जिनमें विश्व नंबर सात चीनी लिन शी फेंग और मौजूदा विश्व नंबर चार, पूर्व चैम्पियन व तीसरी सीड इंडोनेशियाई जोनाथन क्रिस्टी सरीखे दिग्गज शामिल थे।

यू की ने 3 कांस्य पदकों के बाद जीता पहला स्वर्ण

हालांकि 30 वर्षीय यू की ने फाइनल के ज्यादातर हिस्से में अपना दबदबा बनाए रखा और भारतीय शटलर के खिलाफ अपना हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 3-0 कर लिया। इसके साथ ही चीनी शटलर ने महाद्वीपीय स्पर्धा में तीन कांस्य पदकों के बाद अपना पहला स्वर्ण पदक जीतने में सफलता पाई।

महाद्वीपीय स्पर्धा में पदक जीतने वाले सातवें भारतीय बने शेट्टी

फिलहाल फाइनल मुकाबले में मिली हार को छोड़ दें तो 2023 BWF विश्व जूनियर चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता और मौजूद अमेरिकी ओपन चैम्पियन आयुष के लिए यह सप्ताह यादगार बन गया। वह दिनेश खन्ना के बाद इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंचने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बने। खन्ना इस प्रतियोगिता में एकमात्र भारतीय एकल चैम्पियन हैं। उन्होंने 1965 में यह खिताब जीता था। खन्ना के अलावा सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी ने भी 2023 में पुरुष युगल में स्वर्ण पदक जीता था।

कुल मुलाकर देखें तो आयुष इस चैम्पियनशिप के पुरुष एकल में पदक जीतने वाले सातवें व रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। दिनेश खन्ना (1965 में स्वर्ण और 1969 में कांस्य) के बाद सुरेश गोयल (1965 में कांस्य), प्रकाश पादुकोण (1976 में कांस्य), पुलेला गोपीचंद (2000 में कांस्य), अनूप श्रीधर (2007 में कांस्य) और एच. एस. प्रणय (2018 में कांस्य) भी यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

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