इंडिया ओपन 2026 : लक्ष्य सेन क्वार्टर फाइनल में संघर्ष के बाद हारे, भारतीय चुनौती समाप्त
नई दिल्ली, 17 जनवरी। भारत के शीर्षस्थ पुरुष शटलर लक्ष्य सेन ने शुक्रवार को यहां पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे के लिन चुन-यी को कड़ी टक्कर दी, लेकिन निर्णायक क्षणों में पिछड़ते हुए वह तीन गेमों के संघर्ष में हार गए। इसके साथ ही इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में जारी योनेक्स–सनराइज इंडिया ओपन बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड सुपर 750 टूर्नामेंट में भारत की चुनौती समाप्त हो गई।
लिन चुन-यी के खिलाफ सेन ने 68 मिनट तक संघर्ष किया
विश्व रैंकिंग में 14वें नंबर पर काबिज 24 वर्षीय लक्ष्य ने कोर्ट नंबर पर खेले गए दिन के नौवें मुकाबले का पहला गेम जीतकर शानदार शुरुआत की, लेकिन इसके बाद तेज हवा वाले कोर्ट साइड पर तालमेल बैठाने में उन्हें दिक्कत झेलनी पड़ी और 68 मिनट के संघर्ष के पश्चात 17-21, 21-13, 21-18 से हार गए।
तेज हवा के अनुरूप मैं खुद को नहीं ढाल सका – लक्ष्य
मैच के बाद लक्ष्य सेन ने कहा, ‘यह बेहद करीबी मुकाबला था। तीसरा गेम दबाव भरा था। आज परिस्थितियों के हिसाब से लिन बेहतर खेले। आज हवा का असर ज्यादा था, जिसके लिए मैं तैयार नहीं था। कल इतनी हवा नहीं थी और लिन ने परिस्थितियों के अनुसार बेहतर ढंग से खुद को ढाल लिया। नेट के पास मैं शटल उठाने में थोड़ा डगमगा गया और फ्रंट कोर्ट में मुझसे कई गलतियां हुईं।’
लिन से पिछली चारों मुलाकातें लक्ष्य के पक्ष में रही थीं
क्वार्टर फाइनल से पहले आमने-सामने के रिकॉर्ड में लक्ष्य सेन लिन के खिलाफ 0-4 से पीछे थे और यह साफ था कि तेज रफ्तार लेफ्ट हैंडर के खिलाफ उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा। पहले गेम में लक्ष्य की रणनीति लिन को नेट के पास खेलने पर मजबूर करने की थी क्योंकि ताइपे का शटलर तेज साइड से खेल रहा था। यह रणनीति कारगर साबित हुई और मध्यांतर के बाद लक्ष्य ने तेजी से अंक बटोरते हुए पहला गेम अपने नाम कर लिया।
Home favourite Lakshya Sen goes all out against Lin Chun-Yi.#BWFWorldTour #IndiaOpen2026 pic.twitter.com/4pNX9k4xll
— BWF (@bwfmedia) January 16, 2026
हालांकि, कोर्ट बदलने के बाद लक्ष्य की लिफ्ट्स लंबी जाने लगीं, जिसका लिन ने भरपूर फायदा उठाया। छोटी लिफ्ट्स पर आक्रामक खेल दिखाते हुए लिन ने दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।
अंतिम गेम में 18-18 की बराबरी के बाद लिन से मैच नहीं छीन सके सेन
तीसरे और अंतिम गेम में लक्ष्य ने शुरुआती चार अंक जीतकर मजबूत शुरुआत की, लेकिन इसके बाद लिन ने खेल की रफ्तार धीमी कर दी और नेट पर दबदबा बनाते हुए स्कोर को बराबरी पर बनाए रखा। कोर्ट बदलने के बाद लिन ने लगातार छह अंक जीतकर 18-15 की बढ़त बना ली। इसके बाद लक्ष्य ने जुझारूपन दिखाते हुए स्कोर 18-18 से बराबर कर लिया, लेकिन लिन ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
विश्व नंबर 12 लिन चुन-यी अब सेमीफाइनल में 2025 विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता कनाडा के विक्टर लाई से भिड़ेंगे, जिन्होंने चीनी ताइपे के ची यू जेन को 21-18, 17-21, 21-15 से हराया। दूसरे सेमीफाइनल में सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू का सामना इंडोनेशिया के तीसरे वरीय खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी से होगा। क्वार्टरफाइनल में लोह कीन यू ने एक गेम से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए थाईलैंड के दूसरे वरीय खिलाड़ी कुनलावुत वितिदसार्न को 14-21, 21-15, 21-17 से हराया जबकि क्रिस्टी ने फ्रांस के पांचवें वरीय खिलाड़ी क्रिस्टो पोपोव को 21-19, 21-19 से मात दी।
महिला एकल में पूर्व चैम्पियन थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन ने अमेरिका की बेइवेन झांग को 21-16, 21-12 से हराया जबकि शीर्ष वरीय खिलाड़ी कोरिया की आन से यंग ने इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्धानी को 21-16, 21-8 से आसानी से मात दी। दूसरे सेमीफाइनल में चीन की दूसरी वरीय वांग झी यी और चेन यू फी आमने-सामने होंगी, जिससे एक ऑल-चाइनीज सेमीफाइनल तय हो गया है।
