झामुमो ने कांग्रेस व राजद पर लगाया धोखेबाजी का आरोप, बिहार चुनाव से खुद को किया अलग

गिरिडीह, 20 अक्टूबर। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन में स्पष्ट रूप से बिखराव का संकेत मिला, जब झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM)  ने कांग्रेस व राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पर धोखेबाजी का आरोप लगाते हुए खुद को बिहार विधानसभा चुनाव से अलग कर लिया। जेएमएम के बड़े नेता सह मंत्री सुदिव्य कुमार ने सोमवार को इस आशय की विधिवत घोषणा की।

जेएमएम मंत्री सुदिव्य कुमार ने पार्टी के निर्णय की दी जानकारी

सुदिव्य कुमार ने पत्रकारों से बातचीत में राजद और कांग्रेस को राजनीतिक धुर्तता का परिचायक बताया और स्पष्ट शब्दों में कहा है कि इसका परिणाम आगे भी दिखेगा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी न तो बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगी और न ही महागठबंधन के प्रत्याशियों के लिए प्रचार करेगी।

राजद ने चालबाजी की और कांग्रेस ने उसका साथ दिया

जेएमएम मंत्री ने बताया कि बिहार विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर गत सात अक्टूबर को पटना में बैठक हुई थी। इस बैठक में वह अपने साथी विनोद पांडेय के साथ पहुंचे थे। लेकिन सात अक्तूबर से लेकर 20 अक्टूबर तक राष्ट्रीय जनता दल ने चालबाजी की और कांग्रेस ने राजद का साथ दिया।

राजद और कांग्रेस को इस धूर्तता का परिणाम भुगतान होगा

उन्होंने कहा कि नामांकन की तिथि आज ही समाप्त हो गई। बहुत ही अफसोस के साथ जेएमएम यह कहने को बाध्य है कि पार्टी इस चुनाव में प्रतिभागी नहीं है। बिहार के गठबंधन के अगुआ राजनीतिक दल की राजनीतिक धूर्तता ने झारखंड मुक्ति मोर्चा को नुकसान पहुंचाया। जेएमएम के बिहार में चुनाव नहीं लड़ने की आकांक्षा पर पानी फेरा है। राजद और कांग्रेस को इस धूर्तता का परिणाम भुगतान होगा।

सुदिव्य कुमार ने कहा कि यदि झारखंड मुक्ति मोर्चा को सीट नहीं देना था तो इसे स्पष्ट करना चाहिए था। बिहार में महागठबंधन के अगुआ यदि पहले ही तस्वीर साफ कर देते तो जेएमएम अपने बलबूते ही मैदान में उतरती। 7 से 20 अक्तूबर तक सिर्फ चालबाजी करना यह सही नहीं है। जान बूझकर यह हरकत राजद ने की है, जिसे कांग्रेस ने समर्थन दिया है।

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