ट्रंप-पुतिन की मुलाकात का भारत ने किया स्वागत, कहा – बातचीत और कूटनीति से ही आगे का रास्ता संभव
नई दिल्ली, 16 अगस्त। भारत सरकार ने अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई शिखर बैठक का स्वागत किया है। भारत ने दोनों नेताओं के नेतृत्व में शांति स्थापित करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह बेहद प्रशंसनीय कदम है। साथ ही बैठक में हुई प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि आगे का रास्ता केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है।
यूक्रेन में चल रहे युद्ध का जल्द से जल्द अंत देखना चाहती है दुनिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को जारी एक प्रेस वक्तव्य में कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अलास्का में हुई इस शिखर बैठक का भारत स्वागत करता है। उन्होंने कहा कि शांति के लिए उनका प्रयास सराहनीय है। आगे बढ़ने का रास्ता केवल बातचीत और कूटनीति से ही खुल सकता है। दुनिया यूक्रेन में चल रहे युद्ध का जल्द से जल्द अंत देखना चाहती है।
Statement by Official Spokesperson⬇️
🔗 https://t.co/JqRCJGLFcD pic.twitter.com/v8OFmoUSKs— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 16, 2025
दोनों नेताओं के बीच तीन घंटे तक हुई बैठक
गौरतलब है कि अलास्का के एंकोरेज में ट्रंप और पुतिन के बीच हुई लगभग तीन घंटे की बैठक के बाद दोनों नेताओं ने एक संक्षिप्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हालांकि इस मीटिंग का क्या परिणाम हुआ, दोनों नेताओं ने इसके बारे में स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से सवाल भी नहीं लिए। लेकिन ट्रंप ने बातचीत को सकारात्मक बताया और कहा कई समझौते हुए हैं।
अमेरिका ने भारत पर लगा रखा है 50 प्रतिशत टैरिफ
दिलचस्प यह है कि भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया उस फैसले के बाद आई है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस से तेल आयात करने के कारण भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की बात कही थी। इनमें 25 फीसदी टैरिफ लागू है और 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से लागू होना है। वहीं पुतिन से बैठक से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि रूस से कच्चे तेल के व्यापार पर भारत पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ के कारण रूस ने एक बड़ा तेल ग्राहक खो दिया है।
