नई दिल्ली, 10 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में 12-13 सितम्बर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत की तैयारियों को रेखांकित किया। उन्होंने गुरुवार की रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सम्मेलन की तैयारियों से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए कहा, “All set for BRICS 2026!”
All set for BRICS 2026!@BricsIndia2026 pic.twitter.com/nXqqoBmoAm
— Narendra Modi (@narendramodi) September 10, 2026
चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा भारत
उल्लेखनीय है कि भारत ने एक जनवरी, 2026 को BRICS की अध्यक्षता संभाली थी। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में इस समूह की अध्यक्षता कर चुका है। वर्ष 2026 BRICS की स्थापना के 20 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक है।
Delhi is gearing up for the 18th BRICS Summit.
📍 Bharat Mandapam#BRICS2026 #BRICSIndia2026 #IndiaBRICSChairship pic.twitter.com/eVJPwqQgYN
— BRICS 2026 (@BricsIndia2026) September 10, 2026
‘Humanity First’ की भावना पर आधारित थीम
भारत की BRICS अध्यक्षता “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थीम पर आधारित है। यह पीएम मोदी के ‘Humanity First’ के सिद्धांत पर आधारित जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है।
सदस्य और साझेदार देशों के नेता होंगे शामिल
आगामी शिखर सम्मेलन में BRICS सदस्य और साझेदार देशों के नेताओं के साथ-साथ आउटरीच के लिए आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। सम्मेलन में BRICS के भीतर साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग मजबूत करने के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा।
🌍 20 years. One journey. A shared vision for the Global South.
▶️What started as an idea in 2006 has grown into a powerful platform where nations come together, voices converge and possibilities take shape 🤝✨
▶️In 2026, India 🇮🇳 takes the BRICS Chairship, bringing the 18th… pic.twitter.com/cRcTQOghEE
— PIB India (@PIB_India) September 10, 2026
25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें
भारत की अध्यक्षता के दौरान देश के 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन बैठकों का उद्देश्य BRICS की रणनीतिक साझेदारी को तीन व्यापक स्तंभों – राजनीतिक एवं सुरक्षा सहयोग, आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग तथा सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क – के तहत मजबूत करना रहा है।
This is Delhi. This is the moment.
With its heritage glowing and Bharat Mandapam gearing up, the capital puts the finishing touches in place for the 18th BRICS Summit.#BRICS2026 #BRICSIndia2026 #IndiaBRICSChairship pic.twitter.com/2HBXHFfnD0
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व्यावहारिक और विकास केंद्रित परिणामों पर जोर
भारत की अध्यक्षता में बिजनेस-टू-बिजनेस और पीपुल-टू-पीपुल पहलों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इन पहलों का जोर व्यावहारिक और विकास केंद्रित परिणाम हासिल करने पर रहा है।
वैश्विक चुनौतियों से निबटने में सहयोग बढ़ाने का अवसर
BRICS के संस्थापक सदस्यों में शामिल भारत ने समूह की स्थापना के बाद से इसे आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2026 की अध्यक्षता भारत को सदस्य और साझेदार देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने तथा साझा वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों से निबटने के प्रयासों को मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है।


