पन्नू केस : US अदालत ने भारत सरकार और अजित डोभाल को जारी किया समन, विदेश मंत्रालय ने जताई आपत्ति

नई दिल्ली, 19 सितम्बर। अमेरिका की एक अदालत ने खालिस्तानी उग्रवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश के आरोप में भारत सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल के नाम समन जारी कर दिया है। इसे लेकर विदेश मंत्रालय ने सख्त आपत्ति जताई है और इसे पूरी तरह से गलत बताया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इस बाबत पूछे जाने पर कहा, ‘यह एकदम गलत है और हम इस पर आपत्ति जताते हैं।’

यह एकदम गलत, हम आपत्ति जताते हैं – विदेश सचिव विक्रम मिसरी

दरअसल, न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने यह समन भारत सरकार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, रॉ के पूर्व चीफ सामंत गोयल, रॉ एजेंट विक्रम यादव और कारोबारी निखिल गुप्ता के नाम जारी किया है। इस समन में सभी पक्षों से 21 दिन के अंदर जवाब देने को कहा गया है।

हाई लेवल कमेटी पहले ही इस मसले की जांच कर रही

विदेश सचिव ने अमेरिकी अदालत के समन पर कहा, ‘जब पहली बार यह मामला हमारे संज्ञान में लाया गया तो हमने एक्शन लिया। इस मसले पर एक हाई लेवल कमेटी पहले ही गठित की गई है, जो जांच कर रही है। मैं अब उस शख्स की ओर ध्यान दिलाना चाहता हूं, जिसने यह केस दर्ज किया है। गुरपतवंत सिंह पन्नू का इतिहास सभी को पता है, वह किस तरह एक गैर-कानूनी संगठन से जुड़ा रहा है। यह सभी को पता है।’

कट्टरपंथी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस का मुखिया है गुरपतवंत सिंह

उल्लेखनीय है कि गुरपतवंत सिंह एक कट्टरपंथी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस का मुखिया है। वह भारतीय नेताओं और संस्थानों के खिलाफ जहरीले बयान देता रहा है। भारत सरकार ने 2020 में गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित कर दिया था। गत वर्ष नवम्बर में ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि पन्नू की हत्या की साजिश अमेरिका ने नाकाम कर दी है।

पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा की दोहरी नागरिकता है

पन्नू के पास अमेरिका और कनाडा दोनों ही देशों की नागरिकता है। इस रिपोर्ट की बाद में जो बाइडेन प्रशासन ने भी पुष्टि की थी। इस मसले की जानकारी मिलने पर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यदि ऐसा है तो यह चिंता का विषय है। हम इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करा लेते हैं।

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