मुंबई के पूर्व क्रिकेट कप्तान मिलिंद रेगे का निधन, 76 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

मुंबई, 19 फरवरी। मुंबई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान व अर्से तक चयनकर्ता रहे मिलिंद रेगे का बुधवार को यहां निधन हो गया। तीन दिन पूर्व ही 76वां जन्मदिन मनाने वाले मिलिंद रेगे को हृदयाघात के बाद ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था। उनकी किडनी भी काम नहीं कर रही थी। आज सुबह करीब छह बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके शोक संतप्त परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं।

मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने मिलिंद रेगे के निधन पर शोक संदेश साझा करते हुए एक्स पर लिखा, ‘श्री मिलिंद रेगे के निधन से बहुत दुःख हुआ। मुंबई क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी, उन्होंने कप्तान, वरिष्ठ चयन समिति के अध्यक्ष, प्रबंध समिति के सदस्य और सलाहकार के रूप में समर्पण के साथ काम किया। उनकी विरासत को हमेशा याद रखा जाएगा। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं।’

लगातार पांच रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने वाले सीजन का हिस्सा थे

भारत को सचिन तेंदुलकर और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी देने वाले मिलिंद रेगे के क्रिकेट करिअर पर गौर करें तो वह लगातार पांच रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने वाले सीजन का हिस्सा थे। ऑफ स्पिनर ऑलराउंडर ने 1966-67 और 1977-78 के बीच 52 प्रथम श्रेणी मैचों में 29.83 के औसत से 126 विकेट लिए। उन्होंने 23.56 के औसत से 1532 रन भी बनाए।

2020 में नियुक्त किए गए थे MCA के सलाहकार

अपने खेल करिअर के बाद रेगे मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के साथ निकटता से जुड़े रहे। उन्होंने अलग-अलग समय पर चयनकर्ता और मुख्य चयनकर्ता सहित विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। 2020 में उन्हें मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन का सलाहकार नियुक्त किया गया था।

सुनील गावस्कर के काफी करीबी थे मिलिंद

मिलिंद रेगे पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर के काफी करीब मित्रों में एक थे। दोनों ने लंबे समय तक मुंबई के लिए एक साथ घरेलू क्रिकेट खेली। वह इस समय भी संपर्क में थे और कई बार मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के इवेंट्स में साथ नजर आते थे। रेगे को 26 वर्ष की उम्र में हार्ट अटैक आया था, जिसके कारण वह बाद में क्रिकेट खेल नहीं पाए। हालांकि वह मुंबई क्रिकेट का हिस्सा रहे और कई खिलाड़ियों को मंच दिया।

सचिन व यशस्वी सरीखे क्रिकेटरों को मौका देने में अहम भूमिका निभाई

रेगे मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन को लगातार अपनी सेवाएं देते रहे। इस दौरान करीब तीन दशक तक MCA के सेलेक्टर रहे। इसी दौरान उन्होंने 1988-89 के सीजन में बतौर सेलेक्टर ही सचिन तेंदुलकर को मुंबई की फर्स्ट क्लास और लिस्ट ए टीम में चुना। उस समय सचिन केवल 15 वर्ष के थे। हालांकि रेगे को उनमें काबिलियत दिखाई दी। वह इस समय एसोसिएशन से क्रिकेट एडवाइजर के तौर पर जुड़े हुए थे। उन्होंने यशस्वी जायसवाल को मौका देने में भी अहम रोल निभाया। मिलिंद ने कई खिलाड़ियों के करिअर में अहम योगदान दिया।

मुंबई व विदर्भ की रणजी टीमों ने दी श्रद्धांजलि

इस बीच नागपुर में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में मुंबई व विदर्भ की टीमों ने तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले रेगे की याद में एक मिनट का मौन रखा। मुंबई के खिलाड़ियों ने बांह पर काली पट्टी भी बांध रखी थी।

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