फर्रुखाबाद, 3 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने 1,000 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की, बेघर लोगों को भूमि आवंटन प्रमाणपत्र और राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से आर्थिक सहायता के चेक भी सौंपे। राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं हैं। डबल इंजन की सरकार आपके साथ खड़ी है और हर जरूरतमंद तक हरसंभव सहायता पहुंचाई जाएगी।”
102 गांवों को हरसंभव मदद का भरोसा
मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसीलों के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया है। उन्होंने कहा कि जिले के 102 बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि पिछले 15 दिनों से जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन मिलकर राहत कार्यों में जुटे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम, बाढ़ चौकियां और राहत शिविर बनाए गए हैं, जबकि जिन परिवारों के घर जलमग्न हैं उनके लिए भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है।
50 किलो की राहत किट में 50 जरूरी सामान
सीएम योगी ने बताया कि प्रत्येक परिवार को करीब 50 किलोग्राम वजन की राहत किट दी जा रही है। इसमें 10-10 किलो चावल, आटा और आलू, दो किलो अरहर दाल, चना, मुरमुरे, खाद्य तेल, मसाले, बाल्टी, रेनकोट और महिलाओं के लिए डिग्निटी किट समेत लगभग 50 आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को राहत शिविरों और गांवों में बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार चिकित्सा शिविर संचालित कर रही हैं।
गंगा की ड्रेजिंग बताए स्थायी समाधान
बाढ़ की समस्या के दीर्घकालिक समाधान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा नदी की ड्रेजिंग (खुदाई) और निकाली गई गाद से तटबंधों को मजबूत करना सबसे प्रभावी उपाय है। उनके अनुसार इससे नदी का प्रवाह सुचारू होगा, आसपास के गांव सुरक्षित रहेंगे और फसलों को भी नुकसान कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बाढ़ के मौसम को देखते हुए अस्पतालों में सांप और बिच्छू के काटने की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
भर्ती और आउटसोर्सिंग पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का दावा करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को जेल भेजा जाएगा और उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक के पैसे की लूट किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।
आउटसोर्सिंग व्यवस्था को लेकर उन्होंने पूर्व समाजवादी पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पहले की एजेंसियां भ्रष्टाचार में लिप्त थीं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्सिंग सर्विसेज कॉरपोरेशन (UPCOS) के माध्यम से अब कर्मचारियों का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।


