नई दिल्ली, 3 सितम्बर। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। इस क्रम में कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का सीईओ बनाए जाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस नियुक्ति का को लेकर शक जताया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में कोई ऐसा राज तो नहीं छिपा है, जिसकी वजह से पूर्व एयर मार्शल को CEO बनाना पड़ा।
राशिद अल्वी ने केंद्र सरकार के इरादों पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा, ‘अभी भाजपा की मौजूदा सरकार सुप्रीम कोर्ट के जज में से किसी को राज्यपाल बना रही है तो किसी को राज्यसभा का सदस्य बना रही है। ये लोगों के दिमाग में शक पैदा करती है।’

उन्होंने कहा, ‘अब रिटायर्ड एयर चीफ को आपने राम मंदिर के ट्रस्ट का CEO बना दिया है। उनका इससे क्या लेना देना है? मुझे लगता है कि ऑपरेशन सिंदूर में कोई सच तो नहीं छिपा है, जिसकी वजह से उन्हें यहां CEO बनाया गया।’
‘भाजपा की नीति देश को बर्बाद कर देगी’
राशिद अल्वी ने दावा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री की जो ये नीति है, वो देश को बर्बाद कर देगी। उन्होंने साथ ही श्रीराम मंदिर सुरक्षा मामले का जिक्र करते हुए कहा, ‘अभी तक राम मंदिर के अंदर जिन लोगों ने डकैती डाली थी, उनके न नाम पता चले और न ही सभी को गिरफ्तार किया गया है।’
भाजपा का पलटवार : सनातन और सेना का अपमान कांग्रेस की आदत
वहीं कांग्रेस नेता के इस बयान पर भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने राशिद अल्वी और कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि सनातन धर्म और भारतीय सेना का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है।
राकेश त्रिपाठी ने कहा, ‘कांग्रेस बाबरी की पैरोकार है। सेनाध्यक्ष को गुंडा बताएंगे, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगेंगे और पूर्व एयर मार्शल के राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सीईओ बनाए जाने पर भी सवाल जताएंगे।’


