नई दिल्ली, एक अक्टूबर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी ने गुरुवार को देशव्यापी ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ पहल के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कॉलेज में श्रमदान एवं स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने कॉलेज परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधारोपण भी किया।
स्वच्छता का सार्वजनिक स्वास्थ्य व कल्याण से गहरा संबंध
प्रहलाद जोशी ने इस अवसर पर विद्यार्थियों से संवाद किया और कहा कि स्वच्छता का सार्वजनिक स्वास्थ्य व कल्याण से गहरा संबंध है। उन्होंने स्वच्छता को निरंतर आदत बनाने में सामूहिक भागीदारी के महत्व पर भी बल दिया।

शिक्षा मंत्री ने स्वच्छता, पर्यावरणीय जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता को बढ़ावा देने में छात्रों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक संस्थानों में बल्कि अपने घरों और सार्वजनिक स्थलों पर भी स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रहलाद जोशी ने स्वच्छता-केंद्रित गतिविधियों में कम से कम 30 मिनट का योगदान देने का विद्यार्थियों का आह्वान किया। उन्होंने दोहराया कि व्यक्तिगत प्रयास सामूहिक कार्रवाई को प्रेरित कर सकते हैं और स्वच्छता को जन आंदोलन में परिवर्तित कर सकते हैं।
युवाओं के बीच शारीरिक फिटनेस और आउटडोर गतिविधियों के महत्व पर जोर
उन्होंने युवाओं के बीच शारीरिक फिटनेस और आउटडोर गतिविधियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलों में भाग लेने और खेल के मैदानों में समय व्यतीत करने के लिए प्रोत्साहित किया तथा स्क्रीन-आधारित गतिविधियों के साथ स्वस्थ संतुलन बनाए रखने पर बल दिया।
Undertook the Swachhata Hi Seva 2026 cleanliness drive at Gargi College, New Delhi and interacted with students including from the NSS, NCC and sports communities, appreciating their enthusiasm and active participation.
The students’ commitment to cleanliness and civic… pic.twitter.com/88z0nHywL4
— Pralhad Joshi (@JoshiPralhad) October 1, 2026
प्रहलाद जोशी ने विद्यार्थियों से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन में योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार नागरिकता और सक्रिय भागीदारी के माध्यम से इस विजन को कार्यरूप देने तथा स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भारत के निर्माण में विद्यार्थी महत्वपूर्ण आधार स्तंभ हैं। इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, कॉलेज के संकाय सदस्य और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।


