ट्रंप की धमकियां खारिज : होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों से 2 मिलियन डॉलर वसूलेगा ईरान, हर दिन 10 टैंकरों को अनुमति
तेहरान, 12 अप्रैल। पाकिस्तानी राजधानी इस्लामाबाद में सीजफायर समझौते पर लगभग 20 घंटे तक चली वार्ता विफल होने के बाद ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई धमकियों को खारिज करते हुए फैसला किया है कि हर दिन होर्मुज स्ट्रेट से दस (एक दर्जन से ज्यादा नहीं) जहाजों को निकाला जाएगा। साथ ही ईरान ने प्रति जहाज दो मिलियन डॉलर की फीस भी तय की है।
ट्रंप ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की नाकेबंदी करने का किया है एलान
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का यह फैसला ऐसे समय सामने आया है, जब उसकी अमेरिका के साथ सीजफायर समझौते पर बातचीत बेनतीजा रहने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को घोषणा कर दी कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज समुद्री मार्ग में आने या जाने वाले जहाजों की नाकेबंदी शुरू करेगी। इस क्रम में अमेरिकी नौसेना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद हर उस जहाज को खोजे और रोकेगी, जिसने ईरान को कोई शुल्क (toll) दिया है। जो कोई भी अवैध शुल्क देगा, उसे खुले समुद्र में सुरक्षित रास्ता नहीं मिलेगा।
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार ईरान की योजना है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले हर सुपरटैंकर से ली जाने वाली फीस 20 लाख डॉलर रखी जाए। फिलहाल कई देशों के जहाजों की ओर से होर्मुज से गुजरने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संपर्क किया गया है।
परमिट लेकर होर्मुज पार करेंगे जहाज
वॉल स्ट्रीट जर्नल का दावा है कि ईरान इस समुद्री मार्ग को पार करने वाले जहाजों के लिए एक विशेष व्यवस्था बनाएगा। इसके तहत उनको ईरान से परमिट लेना होगा। इस परमिट के बाद वह ईरानी सेना की ओर से तय किए गए रास्तों से गुजर सकेंगे। बीते हफ्ते सीजफायर के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज खोलने की बात की थी।
उल्लेखनीय है कि दुनियाभर के लिए अहम समुद्री रूट होर्मुज स्ट्रेट बीते छह हफ्तों से चर्चा में है। अमेरिका और इजराइल की ओर से 28 फरवरी को किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने इस समुद्री गलियारों को अपने नियंत्रण में ले लिया है। ईरान इस रूट से चुनिंदा जहाजों को ही गुजरने दे रहा है। अब ईरान ने अब इस पर अपना नियंत्रण स्थायी करते हुए होर्मुज में टोल लेने की बात कही है।
होर्मुज पर अमेरिका-ईरान में तनाव
अमेरिका-इजराइल गठबंधन और ईरान के बीच छह हफ्ते चले युद्ध के बाद गत आठ अप्रैल को सीजफायर की सहमति बनी। इसके बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के डेलीगेशन ने बातचीत की है। शनिवार शाम शुरू हुई यह बातचीत 21 घंटे तक चली, लेकिन बेनतीजा खत्म हो गई।
