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DGCA ने टिकट रिफंड नियमों में किया संशोधन : 48 घंटे के भीतर हवाई टिकट रद करने पर नहीं लगेगा शुल्क

DGCA ने टिकट रिफंड नियमों में किया संशोधन : 48 घंटे के भीतर हवाई टिकट रद करने पर नहीं लगेगा शुल्क

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नई दिल्ली, 26 फरवरी। नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) हवाई टिकट किराया वापसी के नियमों में संशोधन कर उन्हें यात्रियों के और अनुकूल बना दिया है। नए नियमों के तहत विमान यात्री अब बुकिंग के 48 घंटों के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद करा सकते हैं या उसमें बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, यह कुछ शर्तों पर निर्भर करेगा। संशोधित नियम 24 फरवरी को जारी किए गए।

डीजीसीए ने नियमों में संशोधन करते हुए यह भी कहा कि यदि यात्री, बुकिंग के 24 घंटों के भीतर नाम में किसी प्रकार की गलती को बताता है और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट के माध्यम से बुक किया गया है, तो एयरलाइन कम्पनियों को उसी व्यक्ति के नाम पर सुधार के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेना चाहिए।

डीजीसीए ने कहा, ‘ट्रैवल एजेंट/पोर्टल के माध्यम से टिकट खरीदने की स्थिति में, पैसे वापसी की जिम्मेदारी एयरलाइन कम्पनियों की होगी क्योंकि एजेंट उनके नियुक्त प्रतिनिधि होते हैं। एयरलाइन कम्पनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पैसे वापस करने की प्रक्रिया 14 कार्य दिवसों के भीतर पूरी हो जाए।’

इसके अलावा, चिकित्सा आपात स्थिति के कारण यात्रियों के टिकट रद करने के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। समय पर रिफंड न मिलने की यात्रियों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए हवाई टिकट वापसी के लिए नागर विमानन आवश्यकताओं (सीएआर) में संशोधन किए गए हैं।

दिसम्बर, 2025 में इंडिगो की उड़ानें रद होने के दौरान भी टिकट वापसी का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था। उस समय नागर विमानन मंत्रालय ने एयरलाइन कम्पनियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर रिफंड करने का निर्देश दिया था। दरअसल, अनुसूचित विमानन कम्पनियों को दिसम्बर, 2025 में यात्रियों से संबंधित कुल 29,212 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7.5 प्रतिशत ‘रिफंड’ से संबंधित थीं।

अब एयरलाइंस को निर्देश दिया गया है कि वे यात्रियों को टिकट बुक करने के बाद 48 घंटे की अवधि के लिए ‘लुक इन’ यानी उसे अद्यतन करने का विकल्प प्रदान करें। नियामक ने कहा, ‘इस अवधि के दौरान यात्री बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद या संशोधित कर सकते हैं। लेकिन जिस संशोधित उड़ान के लिए टिकट लेना चाहते हैं, उसके लिए जो भी किराया बनता है यानी किराये में जो अंतर है, वह देना होगा।

नियामक ने कहा, ‘जब टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट के माध्यम से बुक किया जाता है, यह सुविधा उन उड़ानों के लिए उपलब्ध नहीं होगी, जिनकी प्रस्थान तिथि घरेलू उड़ानों के मामलों में बुकिंग की तारीख से सात दिन से कम और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए 15 दिन से कम है।’ बुकिंग समय के 48 घंटे बाद, यह विकल्प उपलब्ध नहीं होगा और यात्री को संशोधन के लिए टिकट रद कराने को लेकर संबंधित शुल्क का भुगतान करना होगा।

नियामक के अनुसार, चिकित्सा आपात स्थिति के कारण टिकट रद होने की स्थिति में एयरलाइन कम्पनी पैसा वापस कर सकती है या ‘क्रेडिट’ विकल्प प्रदान कर सकती हैं। इसके तहत यदि यात्री या उसी पीएनआर में सूचीबद्ध परिवार का कोई सदस्य यात्रा के दौरान अस्पताल में भर्ती होता है, तो यह नियम लागू होगा।

डीजीसीए ने कहा कि अन्य सभी परिस्थितियों में, यात्री की यात्रा के लिए ‘फिटनेस’ का प्रमाण पत्र एयरलाइन के एयरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ/डीजीसीए द्वारा सूचीबद्ध एयरोस्पेस मेडिसिन विशेषज्ञ से प्राप्त होने के बाद पैसे वापस किए जाएंगे।

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