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ICC टी20 विश्व कप में खिताबी जीत से आह्लादित कप्तान सूर्यकुमार बोले- ‘बुमराह एक राष्ट्रीय धरोहर हैं’

ICC टी20 विश्व कप में खिताबी जीत से आह्लादित कप्तान सूर्यकुमार बोले- ‘बुमराह एक राष्ट्रीय धरोहर हैं’

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अहमदाबाद, 8 मार्च। ICC टी20 विश्व कप में भारत की ऐतिहासिक तीसरी खिताबी जीत से आह्लादित मेजबान कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सुपर फास्ट फेसर जसप्रीत बुमराह की खुलकर तारीफ की और उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें ‘राष्ट्रीय धरोहर’ करार दिया, जो इस करिश्माई तेज गेंदबाज के लिए सबसे उपयुक्त उपमा मानी जा सकती है।

न्यूजीलैंड के खिलाफ 96 रनों की शानदार जीत के साथ सूर्यकुमार की टीम पुरुष क्रिकेट में लगातार दूसरा टी20 विश्व खिताब जीतने वाली पहली टीम बन गई और साथ ही घरेलू मैदान पर ट्रॉफी जीतने वाली भी पहली टीम बनी।

बुमराह को पता है कि विकेट कैसे झटके जा सकते हैं

सूर्या ने मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में कहा, ‘बुमराह एक पीढ़ी में एक बार आने वाले गेंदबाज हैं। मैं उन्हें राष्ट्रीय धरोहर कह सकता हूं। उन्हें पता है कि विकेट कैसे झटके जा सकते हैं, वह इस खेल के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी हैं।’ गौरतलब  है कि बुमराह ने फाइनल में चार ओवरों में 15 रन देकर चार विकेट झटके और 256 रनों के कठिन लक्ष्य के समक्ष न्यूजीलैंड को 159 रनों पर आउट करने में अहम भूमिका निभाई।

‘यह लंबा सफर रहा और यहां आकर जीत हासिल करना सुखद’

भारतीय कप्तान ने कहा, ‘मुझे लगता है अभी थोड़ा समय लगेगा, लेकिन मैं निश्चित रूप से बहुत खुश हूं। यह लंबा सफर रहा है। यह 2024 विश्व कप के बाद शुरू हुआ। जय शाह, रोहित भाई, उन्होंने मुझमें विश्वास दिखाया और मुझे नेतृत्व करने का मौका दिया। वहां से यह लंबा सफर रहा और यहां आकर जीत हासिल करना सुखद है।’

सूर्यकुमार ने अपने खिलाड़ियों की जमकर प्रशंसा की, जिन्होंने टीम को अभूतपूर्व सफलता दिलाने में मदद की। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो साल में हमने अच्छी क्रिकेट खेली है और हम बस 2024 विश्व कप में अपनाई गई आदतों का पालन करना चाहते थे। लड़कों ने इसे बहुत अच्छी तरह से अपनाया।’

खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखने के बारे में मुंबई के इस स्टार क्रिकेटर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह समझना बहुत जरूरी है कि वे किसमें सक्षम हैं। और मुझे पता था कि उनमें मैच जिताने की काबिलियत है। समय बिल्कुल सही था। संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा शीर्ष खिलाड़ी हैं और हमें पता था कि वे कुछ खास करेंगे, और उन्होंने फाइनल में ऐसा ही किया।’

कीवी कप्तान सैंटनर बोले – हम एक महान टीम से हारे

वहीं न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने कहा कि टी20 विश्व कप के फाइनल में उनकी टीम को एक महान टीम ने हराया। सैंटनर ने मैच के बाद कहा, ‘आज हमें एक महान टीम ने बेहतरीन दर्शकों के सामने हरा दिया। यह अच्छा विकेट था। हम पावरप्ले में कुछ विकेट लेते तो भारत को 220 तक रोक सकते थे। यह अच्छा लक्ष्य होता।’

भारत को अपनी सरजमीं पर खिताब जीतने के लिए बधाई

सैंटनर ने कहा, ‘लगातार फाइनल्स हारना अच्छा नहीं है। भारत को हराना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। हम अंडरडॉग थे। भारत को अपनी सरजमीं पर खिताब जीतने के लिए बधाई। मुझे लगता है कि स्काय (सूर्यकुमार यादव) और टीम को अपने प्रदर्शन पर गर्व होगा।’

वनडे विश्व कप फाइनल में हार को याद कर बोले बुमराह – अपने घरेलू मैदान पर आज जीत मिली

‘प्लेयर ऑफ द मैच’ को शायद इस खिताबी जीत पर सर्वाधिक सुकून मिला होगा, जो इसी मैदान पर तीन साल पहले फाइनल हारने का दुख झेल चुके थे। इसी मैदान पर 2023 में भारतीय टीम वनडे विश्व कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारी थी।

बुमराह ने न्यूजीलैंड पर मिली जीत के बाद कहा, ‘बहुत खास लग रहा है क्योंकि मैंने अपने घरेलू मैदान पर एक फाइनल खेला था, जो जीत नहीं सका था, लेकिन आज जीत मिली।’ उन्होंने कहा, “विश्व कप फाइनल में अपने घरेलू मैदान पर ‘प्लेयर आफ द मैच’ रहने से बढकर क्या हो सकता है।’’

जब खुद पर शक होने लगा था, तब कप्तान और कोच को मुझ पर भरोसा था : अभिषेक

उधर कई मैचों में मिली निराशा के बाद सीधे फाइनल में जबर्दस्त फॉर्म में लौटे विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने भारतीय टीम प्रबंधन का धन्यवाद किया, जिसने टी20 विश्व कप के दौरान उनके खराब प्रदर्शन के बावजूद उन पर पूरा भरोसा बनाए रखा जबकि एक समय उन्हें खुद अपनी क्षमता पर संदेह होने लगा था।

‘मैंने पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया था, यह मेरे लिए मुश्किल टूर्नामेंट था’

फाइनल में सिर्फ 21 गेंदों 52 रन ठोकने के साथ संजू सैमसन के साथ मिलकर भारत को जबर्दस्त शुरुआत दिलाने वाले अभिषेक ने मैच के बाद कहा, ‘एक बात बिल्कुल साफ थी, जिसे मैं पहले भी साझा करना चाहता था, लेकिन आज सबसे सही दिन है। कप्तान और कोच को मुझ पर भरोसा था। यहां तक कि मुझे खुद पर शक होने लगा था। मैंने पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया था, यह मेरे लिए मुश्किल टूर्नामेंट था।’

‘मैं बस अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दे रहा था’

उन्होंने कहा, ‘मैं बस अपनी प्रक्रिया पर ध्यान दे रहा था और हर मैच को एक-एक करके लेने की कोशिश कर रहा था, लेकिन यह आसान नहीं था। मुझे इस टीम से प्यार है क्योंकि उन्होंने जिस तरह से मेरा साथ दिया, वह खास है। पूरे साल मैं टीम के लिए अच्छा कर रहा था, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में वैसा प्रदर्शन नहीं कर पा रहा था।’

अभिषेक ने कहा, ‘टीम और प्रबंधन ने मुझ पर जो भरोसा दिखाया, वह बहुत मायने रखता है। टूर्नामेंट के बीच में मैं भावुक हो गया था, कोच और कप्तान से बात करना चाहता था। उन्होंने कहा कि तुम हमारे लिए बड़े मैच जिताओगे। वहीं मुश्किल समय में भी दर्शकों ने हमारा बहुत समर्थन किया।’

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