लोकसभा में पास नहीं हो सका महिला आरक्षण बिल से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक, दो-तिहाई बहुमत नहीं मिला
नई दिल्ली, 17 अप्रैल। लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो सका। सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। मतदान के समय सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी।
विधेयक पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी
दरअसल, लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। सरकार ने इस विधेयक के साथ ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन पहले विधेयक के पास नहीं होने के बाद उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
शेष दो विधेयकों पर इसलिए नहीं हुई वोटिंग
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर वोटिंग के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, ‘संविधान संशोधन(131वां संशोधन) बिल पास नहीं हुआ, सदन में वोटिंग के दौरान इसे 2/3 बहुमत नहीं मिला।’
संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पर मतदान:
पक्ष मेंः
298 विरोध मेंः 230सदन में मतदान के दौरान दो तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण विधेयक पारित नहीं हुआ.
इसलिए संघ राज्य क्षेत्र विधि संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026, जो संविधान (131वां… pic.twitter.com/glaycSjFre
— SansadTV (@sansad_tv) April 17, 2026
वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को आगे नहीं बढ़ा सकते।
राहुल गांधी बोले – ‘संविधान पर आक्रमण था और हमने हरा दिया’
वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा, ‘यह संविधान पर आक्रमण था और इसे हमने हरा दिया है तो यह अच्छी बात है। हमने स्पष्ट रूप से कहा है कि यह महिला बिल नहीं है, यह हिन्दुस्तान का जो राजनीतिक ढांचा है, चुनावी ढांचा है, उसे बदलने की कोशिश है। यह हमने रोक दिया है। मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं कि अगर आप महिला आरक्षण चाहते हैं तो 2023 का महिला आरक्षण बिल निकालिए, उसका क्रियान्वयन आज से करिए और पूरा विपक्ष 100% आपको समर्थन देगा और महिला आरक्षण को हम तत्काल लागू कराएंगे।’
पत्रकारों से पूछा – आपने पीएम का चेहरा देखा?
इस मुद्दे पर दिन में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करने वाले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से संसद परिसर में बातचीत के दौरान पत्रकारों ने पूछा कि आपने एपस्टीन की चर्चा की, इस पर राहुल गांधी ने कहा कि आपने प्रधानमंत्री का चेहरा देखा?
महिला आरक्षण की नहीं, ये लोकतंत्र की बात थी : प्रियंका गांधी
उधर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, ‘महिला आरक्षण की बात नहीं थी, ये लोकतंत्र की बात थी, देश की अखंडता की बात थी। हम कभी इससे सहमत नहीं हो सकते कि आप महिला आरक्षण को इस तरह परिसीमन से जोड़ें कि वो पुरानी जनगणना पर चले, जिसमें OBC शामिल भी नहीं है। ये मुमकिन नहीं था कि ये बिल पारित हो। देश के लोकतंत्र के लिए, देश की अखंडता के लिए ये बड़ी जीत है।’
