पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी को लेकर सीएम योगी सख्त, UP में 233 के खिलाफ मुकदमा दर्ज, 20 गिरफ्तार
लखनऊ, 3 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी को लेकर चलाए गये विशेष अभियान के तहत अब तक 233 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इस दौरान 20 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 237 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की जा रही है। खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त ने शुक्रवार को यहां बताया कि 12 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत प्रदेशभर में 19,882 स्थानों पर छापेमारी और निरीक्षण किए गये।
एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 मामले दर्ज हुए हैं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 200 प्राथमिकी दर्ज कराई गई हैं। कार्रवाई पूरे प्रदेश में एक साथ चलाकर कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाया गया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न मंचों से स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाकर बाजार में कृत्रिम संकट पैदा करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में प्रशासन ने निगरानी बढ़ाते हुए ऐसे तत्वों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कार्रवाई के दौरान आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। राज्य के 12,888 पेट्रोल पंपों के माध्यम से नियमित बिक्री हो रही है, जबकि 28 मार्च से एक अप्रैल तक बिक्री के आंकड़े भी सामान्य स्तर पर रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश में 97,000 किलोलीटर पेट्रोल और 1,26,000 किलोलीटर डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
अधिकारियों के अनुसार मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर समन्वय किया जा रहा है। एलपीजी आपूर्ति को लेकर भी विभाग सतर्क है। प्रदेश के 4,107 गैस वितरकों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए राज्य स्तर पर 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है, वहीं जिला प्रशासन को भी लगातार फील्ड में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गये हैं।
