भारत दौरे पर आए चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने की जयशंकर से मुलाकात, आपसी भरोसे की मजबूती पर जोर
नई दिल्ली, 18 अगस्त। भारत के दो दिवसीय दौरे पर सोमवार को दोपहर बाद नई दिल्ली पहुंचे चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। वहीं वांग यी की दिल्ली यात्रा से पहले चीन ने कहा है कि वह भारत के साथ उच्चस्तरीय बातचीत की रफ्तार बनाए रखना चाहता है और आपसी भरोसे को मजबूत करना चाहता है।
Welcome to FM Mr. Wang Yi of China as he arrives in New Delhi on an official visit.
Important engagements of the India-China Special Representatives and on bilateral relations over the next two days.
🇮🇳 🇨🇳 pic.twitter.com/Kc6Bjr19F9
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) August 18, 2025
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वांग यी से मुलाकात के दौरान कहा, ‘भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 24वें दौर की वार्ता की शुरुआत पर मैं आपका और आपके डेलिगेशन का भारत में स्वागत करता हूं। अक्टूबर, 2024 में कजान में हमारे नेताओं की मुलाकात के बाद यह किसी चीनी मंत्री की पहली भारत यात्रा है। यह मुलाकात हमें अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने का मौका देती है। साथ ही यह समय वैश्विक हालात और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए भी उपयुक्त है।’
Opening remarks at my meeting with FM Wang Yi in New Delhi.
https://t.co/ZbLrgSW9tK— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) August 18, 2025
डॉ. एस जयशंकर ने कहा, ‘हमारे संबंधों में एक कठिन दौर देखने के बाद, दोनों देश अब आगे बढ़ना चाहते हैं। इसके लिए दोनों पक्षों की ओर से एक स्पष्ट और रचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इस प्रयास में हमें तीन पारस्परिक बातों-आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित को ध्यान में रखना चाहिए। मतभेद विवाद नहीं बनने चाहिए और न ही प्रतिस्पर्धा।’ इस दौरान उन्होंने चीनी विदेश मंत्री के भारत आने के लिए आभार व्यक्त किया।
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई बड़ी प्राथमिकता
विदेश मंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेद विवाद नहीं बनने चाहिए। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई एक बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत से भारत और चीन के बीच स्थिर, सहकारी और भविष्य के लिए अच्छे संबंध बनेंगे। यह संबंध दोनों देशों के हितों को पूरा करेगा और चिंताओं का समाधान करेगा।
वहीं वांग यी की भारत यात्रा और सीमा विवाद पर होने वाली 24वीं वार्ता को लेकर पूछे गए सवाल पर चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि चीन इस मौके का इस्तेमाल भारत के साथ रिश्ते मज़बूत करने के लिए करना चाहता है। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि दोनों देशों के नेताओं के बीच हुई सहमति को लागू किया जाए, उच्च-स्तरीय बातचीत जारी रहे, आपसी भरोसा बढ़े और व्यावहारिक सहयोग मजबूत हो। साथ ही मतभेदों को सही तरीके से संभाला जाए ताकि चीन-भारत संबंध स्थिर और सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकें।’
पीएम मोदी से भी होगी मुलाकात
चीनी विदेश मंत्री वांग यी अपने दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से बातचीत करेंगे। मंगलवार पूर्वाह्न 11 बजे वांग और एनएसए डोभाल सीमा विवाद पर विशेष प्रतिनिधि (SR) वार्ता के नए दौर की शुरुआत करेंगे। दोनों नेता सीमा वार्ता के लिए अपने-अपने देशों के नामित विशेष प्रतिनिधि हैं।
देखा जाए तो वांग यी की यह यात्रा भारत और चीन के बीच संबंध सुधारने की कोशिश का हिस्सा मानी जा रही है। 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़पों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गहरा तनाव आ गया था।
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वांग की यात्रा के दौरान दोनों देश अपनी विवादित सीमा पर स्थायी शांति और भरोसा कायम करने के लिए नए कदमों पर चर्चा कर सकते हैं। वांग यी की यह यात्रा इसलिए भी अहम मानी जा रही है कि यह ऐसे समय हो रही है, जब भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ गया है। हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय सामानों पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है।
