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बृहन्मुंबई महानगर पालिका को पहली बार मिलेगा भाजपा का मेयर, ठाकरे भाइयों से दूर मराठी माणुस

बृहन्मुंबई महानगर पालिका को पहली बार मिलेगा भाजपा का मेयर, ठाकरे भाइयों से दूर मराठी माणुस

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मुंबई, 16 जनवरी। महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों (स्थानीय निकाय) की शुक्रवार को जारी मतगणना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और प्राप्त परिणामों पर नजर डालें तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी अगुआई में सत्तारूढ़ महायुति के घटक दल एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली शिवसेना की आंधी चल पड़ी है। यानी अधिकतर नगर निगमों में बहुमत के साथ भाजपा+ का ही कब्जा होने जा रहा है।

इस चुनाव में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) सबसे ज्यादा चर्चा में रही, जो देश की सबसे अमीर और प्रतिष्ठित नगरपालिका है और जहां लगभग 28 वर्षों से (1997 से) ठाकरे परिवार (शिवसेना) का दबदबा था। लेकिन इस बार बीएमसी से भी शिवसेना (यूबीटी) का आधिपत्य हटने जा रहा है और पहली बार मुंबई में भाजपा का मेयर होगा।

बीएमसी में भाजपा+ ने पार किया बहुमत का आंकड़ा

बीएमसी में 227 सीटों में 211 के परिणाम आने तक भाजपा+ ने 118 सीटों के साथ बहुमत (114) का आंकड़ा पार कर लिया था। इनमें भाजपा 90 और शिवसेना 18 सीटें जीत चुकी थी। वहीं महाअघाड़ी को 77 सीटें मिलती नजर आ रही हैं, जिनमें शिवसेना (UBT) को 57, राज ठाकरे की मनसे को नौ और एनसीपी (एसपी) को एक सीट मिली है। वीबीए के साथ मिलकर चुनाव में उतरी कांग्रेस ने 15 सीटें जीती हैं।

मतों की गिनती शुक्रवार को पूर्वाह्न 10 बजे शुरू हुई। करीब दो दशक बाद साथ आए ठाकरे चचेरे भाई मुंबई में सत्तारूढ़ गठबंधन से पीछे हैं। ‘एग्जिट पोल’ (चुनाव बाद सर्वेक्षण) में गुरुवार को हुए 29 नगर निगमों के चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की भारी जीत का अनुमान जताया गया था। अधिकारियों के अनुसार, बीएमसी के चुनाव में 52.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 2017 में हुए 55.53 प्रतिशत मतदान से कम है।

बीएमसी का वार्षिक बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) का वार्षिक बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है। यहां चार वर्षों की देरी से चुनाव कराए गए। ये 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहले बीएमसी चुनाव हैं। चुनाव से पहले एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम में उद्धव और राज ठाकरे पिछले महीने साथ आए थे।

पिछले चुनाव में अविभाजित शिवसेना व भाजपा गठबंधन को मिली थी जीत

मौजूदा उपमुख्यमंत्री शिंदे 2022 में पार्टी के अधिकतर विधायकों के साथ पार्टी से अलग हो गए थे और भाजपा के साथ गठबंधन कर मुख्यमंत्री बने थे। 2017 के चुनावों में अविभाजित शिवसेना ने 227 में से 84 सीटें जीती थीं। उस समय शिवसेना का भाजपा के साथ गठबंधन था। गठबंधन ने बहुमत के आंकड़ा पार किया था, जिनमें भाजपा को 82 सीटें मिली थीं।

वहीं अन्य नगर निगमों के चुनाव कई वर्षों के अंतराल के बाद कराए गए जबकि इनमें से अधिकतर के कार्यकाल 2020 से 2023 के बीच समाप्त हो गए थे। इनमें से नौ नगर निगम मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में आते हैं। जिन नगर निगमों में मतदान हुआ, उनमें मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर, नवी मुंबई, वसई-विरार, कल्याण-डोंबिवली, कोल्हापुर, नागपुर, सोलापुर, अमरावती, अकोला, नासिक, पिंपरी-चिंचवड, पुणे, उल्हासनगर, ठाणे, चंद्रपुर, परभणी, मीरा-भायंदर, नांदेड़-वाघाला, पनवेल, भिवंडी-निजामपुर, लातूर, मालेगांव, सांगली-मिरज-कुपवाड, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, जालना और इचलकरंजी शामिल हैं।

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