पटना, 23 जून। बिहार सरकार ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ी काररवाई की है और एनकाउंटर के सात दिन के बाद भरत की मां के आवेदन पर SDPO, SHO सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। भरत तिवारी की मां ने एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार मालाकार और अन्य पुलिसकर्मियों पर सरेंडर करने के बाद गोली मारकर हत्या का आरोप लगाया था।
17 जून को एनकाउंटर में मारा गया था भरत तिवारी
गौरतलब है बिहार के भोजपुर में गत 17 जून को भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था। पुलिसकर्मियों पर आरोप है कि, सरेंडर करने के बाद भी भरत तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। देखा जाए तो यह इस केस में अब तक चौथी FIR है। अब तक बिहार सरकार ने पुलिसवालों पर हत्या की FIR दर्ज नहीं की थी। वहीं इस एनकाउंटर के खिलाफ लोग लगातार अपना विरोध दर्ज करा रहे थे। मामले के बढ़ता देख बिहार सरकार ने अब पुलिसवालों के खिलाफ अब बड़ा एक्शन लिया है।
परिवार कर रहा था ये मांग
भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद से ही परिजन यह मांग कर रहे थे कि पुलिस कर्मियों के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और उनको फांसी दी जाए, तब जाकर के परिवार को न्याय मिल पाएगा। 17 जून को भरत तिवारी पुलिस एनकाउंटर में मारा गया था। पुलिस का दावा था कि भरत ने पुलिस टीम पर 10 से 12 राउंड गोलियां चलाई थीं, जिसके जवाब में हुई काररवाई में उसकी मौत हो गई।
सीएम सम्राट चौधरी ने न्यायिक जांच का आदेश दिया था
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गत 20 जून को पूरे मामले की न्यायिक जांच का आदेश दिया था। साथ ही चार पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया गया था। वहीं आज दोपहर सरकार ने काररवाई करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई।

