कांग्रेस को बड़ा झटका : वरिष्ठ नेता एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी भाजपा में शामिल

नई दिल्ली, 6 अप्रैल। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को अपने 43वें स्थापना दिवस के दिन कांग्रेस को बड़ा झटका दिया, जब वरिष्ठ नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी भाजपा में शामिल हो गए। हालांकि इसकी अटकलें पहले से लगाई जा रही थीं, जब तीन माह पहले ही अनिल एंटनी ने कांग्रेस के सभी पदों से अपना इस्तीफा दिया था। उन्होंने गुजरात दंगों को लेकर बनी बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर उठे विवाद के बीच कांग्रेस छोड़ी थी।

दो केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी में ली सदस्यता

अनिल एंटनी ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित भाजपा के मुख्यालय में पार्टी की औपचारिक रूप से सदस्यता ग्रहण की। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अनिल एंटनी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरन भी मौजूद रहे।

बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर एक ट्वीट को लेकर उठे विवाद के बाद अनिल ने छोड़ी थी कांग्रेस

गौरतलब है कि बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया : द मोदी क्वेश्चन’ पर एक ट्वीट के बाद हुई आलोचना को लेकर अनिल एंटनी ने कांग्रेस छोड़ दी थी। केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी डिजिटल मीडिया और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी सोशल मीडिया एंड डिजिटल कम्युनिकेशन सेल से वह जुड़े हुए थे।

अनिल ने कांग्रेस को अलविदा कहते हुए 25 जनवरी, 2023 को ट्विटर पर लिखा था, ‘मैंने कांग्रेस में सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। मुझ पर एक ट्वीट को वापस लेने के असहिष्णुता के साथ दबाव बनाया जा रहा था। यह दबाव ऐसे लोगों की तरफ से था, जो अभिव्यक्ति की आजादी के लिए खड़े होने की बात करते हैं। मैंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।’

कांग्रेस में चापलूसों और चमचों का किया था जिक्र

अनिल ने अपने इस्तीफे के बाद ट्विटर पर एक चिट्ठी भी शेयर की थी। इसमें उन्होंने लिखा था, ‘मेरा मानना है कि मेरे लिए कांग्रेस में अपनी भूमिकाओं को छोड़ना उचित होगा। मेरी अपनी अनूठी क्षमताएं हैं, मुझे कई तरीकों से पार्टी में प्रभावी ढंग से योगदान करने में सक्षम बनातीं। लेकिन अब मुझे अच्छी तरह से पता चल गया है कि आप, आपके सहयोगी और आपके नजदीकी लोग केवल चापलूसों और चमचों के उस झुंड के साथ काम करने के इच्छुक हैं, जो बिना कोई सवाल किए आपके इशारे पर काम करें।’

मोदी सरकार के समर्थन में किया था ट्वीट

गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ पर अनिल एंटनी ने अपनी पार्टी के रुख से उलट राय रखी थी। अनिल एंटनी ने डॉक्यूमेंट्री पर मोदी सरकार का समर्थन करते हुए ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था, ‘यह वही लोग हैं, जो इराक युद्ध के मास्टरमाइंड रहे लोगों के पीछे थे। वहां गलत फैसलों की वजह से हजारों लोग मारे गए। जब कोई ऐसी डॉक्यूमेंट्री बना रहा है और यहां आ रहा है तो देश का कोई भी नागरिक कहेगा कि आपको इससे सावधान रहने की जरूरत है।’

उल्लेखनीय है कि अनिल एंटनी केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की डिजिटल मीडिया और एआईसीसी की सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशंस सेल में संयोजक रहने के अलावा केरल कांग्रेस की डिजिटल कम्युनिकेशन सेल के हेड भी रह चुके थे। 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस का डिजिटल वॉर रूम तैयार करने में भी उनकी भूमिका था। राहुल गांधी के लिए वायनाड लोकसभा क्षेत्र में सोशल मीडिया हैंडल और डिजिटल कैंपेनिंग प्लान के पीछे भी अनिल की सोच थी।

अनिल एंटनी ने अमेरिका की स्टैनफर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद तिरुवनंतपुरम के कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से आगे की पढ़ाई की। वह एक डेटा कंपनी के एमडी और कास्पर लैब्स समेत कई स्टार्टअप के एडवाइजर का काम भी करते हैं।

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