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केंद्रीय सुरक्षा बलों के कड़े पहरे में होगा बंगाल विधानसभा चुनाव, 20 राज्यों से बुलाई गईं 2400 कम्पनियां

केंद्रीय सुरक्षा बलों के कड़े पहरे में होगा बंगाल विधानसभा चुनाव, 20 राज्यों से बुलाई गईं 2400 कम्पनियां

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कोलकाता, 22 मार्च। गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की कुल 2,400 कम्पनियां तैनात करने के निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से 19 मार्च को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF), राज्य सशस्त्र पुलिस (SAP) और इंडिया रिजर्व बटालियन (IRBn) सहित कुल 2,400 कम्पनियां तैनात की जाएंगी।

उल्लेखनीय है कि गृह मंत्रालय ने पूर्व में गत 20 फरवरी को केंद्रीय बलों की 480 कम्पनियों की तैनाती का आदेश दिया था, जिनमें 230 CRPF, 120 BSF, 37 CISF, 47 ITBP और 46 SSB की कम्पनियां शामिल थीं। केंद्रीय बलों की इस बड़ी टुकड़ी को रूट मार्च करने, जनता में विश्वास पैदा करने, ईवीएम (EVM) और स्ट्रांग रूम की सुरक्षा करने और गिनती केंद्रों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया था।

देश के भिन्न हिस्सों से 5 चरणों में बंगाल पहुंचेंगी 1920 कम्पनियां

फिलहाल, चुनाव आयोग ने गत 17 मार्च को बलों की अतिरिक्त 1,920 कम्पनियां भेजने का फैसला किया। इसके परिणामस्वरूप, अब तैनात बलों की कुल संख्या 2,400 कम्पनियां हो गई है। ये अतिरिक्त 1,920 कम्पनियां देश के अलग-अलग हिस्सों से पांच चरणों में राज्य में पहुंचेंगी।

पहले चरण में 31 मार्च को 300 कम्पनियों के आने का कार्यक्रम है। इस टुकड़ी में CRPF की 125, BSF की 100, CISF की 25 और ITBP व SSB की 25-25 कंपनियां शामिल हैं। दूसरे चरण में सात अप्रैल को सुरक्षा बलों की अन्य 300 कम्पनियां पहुंचने वाली हैं। इस चरण में जम्मू-कश्मीर और त्रिपुरा से बल भेजे जाएंगे। तीसरे चरण में, 10 अप्रैल को 300 और कम्पनियां आएंगी, जो जम्मू-कश्मीर के अलावा मणिपुर से होंगी। चौथे चरण में 13 अप्रैल को असम, हरियाणा और उत्तराखंड से सुरक्षा बलों की 277 कम्पनियों के आने का कार्यक्रम है।

पांचवें चरण में 17 अप्रैल को 743 कम्पनियां बंगाल पहुंचेंगी। इनमें से CAPF की 443 कम्पनियां असम से आएंगी, जबकि 300 कम्पनियां केरल, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, सिक्किम, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गोवा, चंडीगढ़, पंजाब और राजस्थान से आएंगी।

पश्चिम बंगाल में सीआरपीएफ (CRPF) के सेक्टर आईजी शलभ माथुर को इन बलों की तैनाती की निगरानी के लिए ‘स्टेट फोर्स कोऑर्डिनेटर’ नियुक्त किया गया है। प्रत्येक कम्पनी में कम से कम 72 कर्मी होंगे। एक कम्पनी के नौ सेक्शनों में से आठ को मतदान केंद्रों पर तैनात किया जाएगा जबकि एक सेक्शन पर्यवेक्षी कार्यों में सहायता के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) के रूप में कार्य करेगा।

केंद्रीय बलों की आवाजाही के लिए रेलवे करेगी विशेष व्यवस्था

रेलवे बोर्ड के साथ परामर्श के बाद, इन बलों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है। दूसरी ओर, राज्य सरकार को यहां तैनात बलों के परिवहन, ठहरने, भोजन और रसद (logistics) के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।

मतदान के बाद भी कुछ दिनों तक 700 कम्पनियां राज्य में रुकेंगी

आगामी 29 अप्रैल को मतदान समाप्त होने के बाद भी, लगभग 200 कम्पनियां ईवीएम, स्ट्रांग रूम और गिनती केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य में रुकेंगी जबकि अन्य 500 कंपनियां मतगणना के बाद की अवधि के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यहीं रहेंगी। शेष कम्पनियां मतदान प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद लौट जाएंगी। राज्य में मतदान दो चरणों में 23 और 26 अप्रैल को होना है।

पिछले विधानसभा चुनाव में परिणाम आने के बाद भड़की थी हिंसा

उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में परिणाम आने के बाद हिंसा भड़की थी। आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सुरक्षा बलों की आवाजाही के संबंध में प्रतिदिन पूर्वाह्न 10.00 बजे तक गृह मंत्रालय (MHA) और चुनाव आयोग (EC) को रिपोर्ट सौंपी जानी चाहिए।

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