अयोध्या, 7 नवंबर। दीपोत्सव के महापर्व पर रामनगरी अयोध्या पूरी तरह राममय हो गई है। दीपों की रोशनी, फूलों की खुशबू और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरी धर्मनगरी का माहौल भक्तिमय हो उठा है। दिवाली के पावन अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि मंदिर को देश-विदेश से मंगाए गए आकर्षक फूलों और विशेष विद्युत सजावट से भव्य रूप दिया गया है। दीपोत्सव के मुख्य आयोजन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। तीनों विशिष्ट अतिथि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की महाआरती करेंगे और देश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़
दीपोत्सव के अवसर पर अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सिद्धपीठ श्री हनुमानगढ़ी मंदिर में बजरंगबली के दर्शन और पूजन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। दूर-दराज से आए श्रद्धालु हनुमान जी के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के साथ सुगम दर्शन के विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। रामनगरी में हर तरफ जय श्रीराम के जयकारे गूंज रहे हैं। सरयू तट से लेकर प्रमुख मंदिरों तक दीपोत्सव की आध्यात्मिक छटा देखते ही बन रही है।
दीपोत्सव के लिए अधिकारियों की तैनाती, अलग-अलग स्थलों की मिली जिम्मेदारी
दीपोत्सव के प्रमुख आयोजनों को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। उपराष्ट्रपति के आगमन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रमों को देखते हुए एयरपोर्ट से लेकर श्रीराम जन्मभूमि परिसर, नया घाट, रामकथा पार्क और राम की पैड़ी तक अधिकारियों की तैनाती की गई है। पांच नवंबर को जारी संशोधित आदेश के तहत आयोजन स्थलों, शोभायात्रा, अतिथि दीर्घाओं और यातायात व्यवस्था की निगरानी के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रामकथा पार्क में सीडीओ संभालेंगे व्यवस्था
रामकथा पार्क में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह को संपूर्ण व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है। यहां मुख्य मंच, विशिष्ट अतिथि दीर्घा, संत समाज और मीडिया गैलरी की व्यवस्था के लिए अलग-अलग अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो। वहीं, राम की पैड़ी पर अपर जिलाधिकारी अमित कुमार भट्ट आयोजन की निगरानी करेंगे। यहां मुख्यमंत्री के मंच, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संत समाज की दीर्घा और विशिष्ट अतिथियों के बैठने की व्यवस्था अलग-अलग अधिकारियों के जिम्मे होगी। दीप प्रज्ज्वलन से जुड़े सभी कार्य अपर जिलाधिकारी नगर एवं मेलाधिकारी दिनेश के नेतृत्व में संपन्न कराए जाएंगे।
एयरपोर्ट से राम मंदिर तक सुरक्षा और आवागमन के इंतजाम
विशिष्ट अतिथियों के आगमन, प्रस्थान और दर्शन-पूजन को लेकर भी प्रशासन ने अलग व्यवस्था बनाई है। एयरपोर्ट पर अपर जिलाधिकारी कौशल कुमार को अतिथियों के स्वागत और प्रस्थान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अपर नगर आयुक्त भारत और डिप्टी कलेक्टर गजेंद्र सिंह एयरपोर्ट से नया घाट होते हुए श्रीराम जन्मभूमि परिसर तक मार्ग व्यवस्था और शांति व्यवस्था की निगरानी करेंगे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अतिथियों के आवागमन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक न हो।
शोभायात्रा से लेकर सरयू आरती तक प्रशासन की विशेष निगरानी
साकेत महाविद्यालय बंधा तिराहे से रामकथा पार्क तक निकलने वाली शोभायात्रा की जिम्मेदारी मुख्य राजस्व अधिकारी गजेंद्र कुमार को दी गई है। उनके साथ जिला पूर्ति अधिकारी बृजेश कुमार मिश्र, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहन त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी यात्रा के विभिन्न हिस्सों में व्यवस्थाएं संभालेंगे। दीपोत्सव में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात, पार्किंग, बैरिकेडिंग और आवागमन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राम की पैड़ी, सरयू आरती स्थल और प्रमुख घाटों पर भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नया घाट स्थित सरयू आरती स्थल की संपूर्ण व्यवस्था अपर जिलाधिकारी प्रशासन विशु राजा और उप जिला मजिस्ट्रेट पवन कुमार शर्मा संभालेंगे। वहीं, अयोध्या की संपूर्ण यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी इंद्राकांत द्विवेदी को दी गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि दीपोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों की सुविधा एवं सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी प्रमुख आयोजन स्थलों पर अधिकारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित कर दी गई हैं। संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि दीपोत्सव में शामिल होने के लिए देश-दुनिया से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन और आयोजन का आनंद लेने में किसी तरह की परेशानी न हो।


