विधानसभा चुनाव 2026 : चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान, मतदान के दिन कर्मचारियों को मिलेगा सवेतन अवकाश
नई दिल्ली, 3 मार्च। भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने चुनावी राज्यों में मतदान के दिन सवेतन अवकाश की घोषणा की है। इस दिन कर्मचारियों के छुट्टी करने पर वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। आयोग ने नियोक्ताओं को भी सख्त हिदायत दी है। आयोग ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, “लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 की धारा 135बी के अनुसार, किसी भी व्यवसाय, व्यापार, औद्योगिक उपक्रम या किसी अन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति, जो मतदान करने का हकदार है, उसे मतदान के दिन सवेतन अवकाश प्रदान किया जाएगा। इस प्रकार के सवेतन अवकाश के कारण वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी। जो कोई भी नियोक्ता इन प्रावधानों का उल्लंघन करेगा, वह जुर्माने का भागी होगा। सभी दैनिक वेतनभोगी और आकस्मिक कर्मचारी भी मतदान के दिन सवेतन अवकाश के हकदार होंगे।”
आयोग ने आगे यह स्पष्ट किया है कि वे मतदाता (जिनमें आकस्मिक और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी भी शामिल हैं) जो अपने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर स्थित औद्योगिक या वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत हैं, लेकिन उस निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं, जहां मतदान होने वाला है, वे भी मतदान के दिन सवेतन अवकाश के लाभ के हकदार होंगे, ताकि वे अपना मत डाल सकें। आयोग ने सभी राज्य व केंद्र शासित प्रदेश सरकारों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित सभी पक्षों को इन प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी मतदाता स्वतंत्र रूप से व सुगमतापूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के आम चुनावों की घोषणा की। इसके अलावा गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा के 8 (आठ) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के उपचुनावों का कार्यक्रम घोषित किया गया। असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। इसी दिन गोवा, कर्नाटक, नागालैंड और त्रिपुरा की कुछ सीटों पर उपचुनाव कराए जाएंगे। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव और गुजरात व महाराष्ट्र की कुछ सीटों पर उपचुनाव के लिए 23 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा। पश्चिम बंगाल में दो चरणों (23 अप्रैल और 29 अप्रैल) को वोटिंग होगी।
