अश्विनी वैष्णव बोले – AI इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी रफ्तार, भारत में जुड़ेंगे 20 हजार नए GPU, 200 बिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश की उम्मीद
नई दिल्ली 17 फरवरी। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि भारत में 20,000 और GPU जुड़ने की उम्मीद है, जिससे कुल उपलब्ध कैपेसिटी मौजूदा 38,000 GPU से ज्यादा हो जाएगी, जिसका मकसद देश के AI कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करना है।
अश्विनी वैष्णव ने यहां भारत मंडपम में जारी इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दूसरे दिन पत्रकारों से बातचीत में यह भी बताया कि समिट में AI से जुड़े इन्वेस्टमेंट USD 200 बिलियन से ज्यादा होने की संभावना है, जिसमें पहले से तय USD 90 बिलियन शामिल हैं।
🤝 Global leaders unite to make AI accountable to society.
✅ Building consensus on the right use of AI for humanity.📍AI Impact Summit 2026, New Delhi pic.twitter.com/WxDHvFNQhG
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) February 17, 2026
GPU की ये हैं विशेषताएं
उल्लेखनीय है कि एक GPU या ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट एक पावरफुल कंप्यूटर चिप है, जो मशीनों को तेजी से सोचने, इमेज प्रोसेस करने, AI प्रोग्राम चलाने और मुश्किल कामों को रेगुलर प्रोसेसर की तुलना में ज्यादा अच्छे से संभालने में मदद करती है। IndiaAI मिशन के तहत, 38,000 से ज़्यादा हाई-एंड GPU शामिल किए गए हैं और ये लगभग Rs 65 प्रति घंटे की दर से उपलब्ध हैं, जो ग्लोबल एवरेज कीमत का लगभग एक-तिहाई है।
वैष्णव ने कहा कि भारत की AI स्ट्रैटेजी का अगला चरण डिजाइन और रिसर्च और डेवलपमेंट को इसके कोर में रखेगा, जो बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे बढ़कर भारत की ज़रूरतों के हिसाब से सॉल्यूशन बनाने की ओर बढ़ेगा। सरकार AI इंफ्रास्ट्रक्चर में और इन्वेस्टमेंट के बारे में कई बड़ी कम्पनियों के साथ बातचीत कर रही है, हालांकि इस स्टेज पर नाम नहीं बताए जा सकते। उन्होंने जो देकर कहा कि AI अवेयरनेस पहल पहले से ही ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के स्कूलों में लागू की जा रही हैं, जिसमें AI डेवलपमेंट में भारत के कल्चरल कॉन्टेक्स्ट और रीजनल भाषाओं को शामिल किया जा रहा है।
✅ Tremendous enthusiasm among India’s youth.
✅ Investments of $200B planned by infrastructure and global partners.
✅ Venture capital firms express strong commitment to India’s startups and deep tech.📍AI Impact Summit 2026, New Delhi pic.twitter.com/uhOVAgd1g4
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) February 17, 2026
रेगुलेटरी फ्रंट पर, वैष्णव ने कहा कि AI गवर्नेंस के लिए टेक्नो-लीगल अप्रोच पर ग्लोबल लीडर्स के बीच एक बड़ी सहमति बन रही है। भारत अभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में टेक्नोलॉजिकल कोलैबोरेशन और पॉलिसी डेवलपमेंट पर लगभग 30 देशों के संपर्क में है।
ग्लोबल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को देश के कॉन्स्टिट्यूशनल फ्रेमवर्क का पालन करना होगा
केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि भारत में ऑपरेट करने वाले ग्लोबल डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को देश के कॉन्स्टिट्यूशनल फ्रेमवर्क का पालन करना होगा। उन्होंने कहा, ‘नेटफ्लिक्स, मेटा या किसी भी दूसरी कम्पनी को उस देश के कॉन्स्टिट्यूशनल फ्रेमवर्क के तहत काम करना होगा, जिसमें वे ऑपरेट कर रही हैं। कल्चरल कॉन्टेक्स्ट के बारे में उन्हें देश में ऑपरेट करना होगा।’
डीपफेक पर और भी कड़े रेगुलेशन की मांग
गलत जानकारी और ऑनलाइन नुकसान से जुड़ी चिंताओं को दूर करते हुए वैष्णव ने डीपफेक पर और भी कड़े रेगुलेशन की मांग की, खासकर बच्चों की सुरक्षा के लिए। उन्होंने कहा, ‘हमें डीपफेक पर और भी कड़े रेगुलेशन की जरूरत है और हमें पार्लियामेंट में आम सहमति बनाने की ज़रूरत है।’ उन्होंने यह भी कहा कि उम्र के आधार पर कंटेंट रेगुलेशन लागू किया जाना चाहिए। सरकार पहले ही इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स के साथ जरूरी और उपायों पर बात कर चुकी है।
AI के दौर में कॉपीराइट प्रोटेक्शन की अहमियत पर भी जोर दिया
वैष्णव ने AI के दौर में कॉपीराइट प्रोटेक्शन की अहमियत पर भी जोर देते हुए कहा कि कंटेंट क्रिएटर्स को सही मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘कॉपीराइट भी जरूरी है, हमारा मानना है कि कंटेंट क्रिएटर्स को उनके बनाए कंटेंट के लिए उनका हक मिलना चाहिए। हम रेवेन्यू के सही बंटवारे में विश्वास करते हैं और हम प्लेटफॉर्म्स के साथ बातचीत कर रहे हैं।’
