विधानसभा चुनाव से पहले अभिषेक बनर्जी का बड़ा दावा- SIR में हटाए गए 91 लाख मतदाताओं में 63% हिन्दू हैं
कोलकाता, 10 अप्रैल। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे व तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर पश्चिम बंगाल में अपने चुनावी भाषणों में बार-बार घुसपैठ का मुद्दा उठाने को लेकर हमला बोला। इस क्रम में बनर्जी ने यह भी दावा किया कि मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान हटाए गए 91 लाख मतदाताओं में से लगभग 63 प्रतिशत हिन्दू हैं।
अमित शाह द्वारा आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का 15-सूत्रीय घोषणापत्र जारी करने के कुछ घंटों बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘फरवरी में जारी पहली सूची में 58 लाख नाम हटाए गए थे, फिर लगभग 6 लाख और नाम हटाए गए। बाद में, एडजुडिकेशन सूची से लगभग 27 लाख नाम हटाए गए। कुल मिलाकर, लगभग 90 लाख नाम हटाए गए, जिनमें से 63% हिन्दू हैं।’
लोकसभा सांसद अभिषेक ने कहा, “भाजपा ने एक 15-प्वॉइंट का डॉक्यूमेंट जारी किया है, जिसे उन्होंने ‘भरोशर शोपोथ’ नाम दिया है। मुझे उम्मीद थी कि गृह मंत्री सबसे पहले बंगाल के लोगों से उस तरह के अत्याचार के लिए माफी मांगेंगे, जो पिछले छह महीनों में SIR के नाम पर उन पर किया गया है। उन्होंने क्रोनोलॉजी और ‘पता लगाओ,’ ‘हटाओ,’ और ‘वापस भेजो’ की बात की। उनके अनुसार, एसआईआर उस ‘पता लगाओ’ प्रक्रिया का पहला कदम है।”
इससे पहले घोषणापत्र जारी करते हुए शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भगवा पार्टी की सरकार घुसपैठियों के खिलाफ ‘पता लगाओ, हटाओ और वापस भेजो’ की नीति लागू करेगी। पश्चिम बंगाल में नई सरकार चुनने के लिए दो चरणों – 23 और 29 अप्रैल को वोट डाले जा रहे हैं। वोटों की गिनती चार मई को होगी।
देखा जाए तो जब से एसआईआर शुरू हुआ है, पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट से 91 लाख नाम हटा दिए गए हैं। राज्य के वोटरों की संख्या लगभग 12% कम हो गई है – अक्टूबर 2025 में 7.66 करोड़ वोटर थे, जो अब घटकर 6.75 करोड़ रह गए हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में 7.34 करोड़ योग्य वोटर थे।
तृणमूल कांग्रेस द्वारा एसआईआर से पहले और बाद के बूथ-स्तर के चुनाव आयोग के आंकड़ों के एक आंतरिक विश्लेषण के अनुसार, हटाए गए 91 लाख नामों में से 57.47 लाख (63.4%) हिन्दू और 31.1 लाख (34.3%) मुस्लिम हैं।
