नई दिल्ली, 3 सितंबर। 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद हुई हवाई मुठभेड़ में पाकिस्तान के एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराने का दावा करने वाले भारतीय वायुसेना के पूर्व ग्रुप कैप्टन और वीर चक्र विजेता अभिनंदन वर्तमान ने भारतीय वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है। रक्षा अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने 31 मार्च 2026 को वायुसेना से विदाई ली। अब वह नागरिक उड्डयन क्षेत्र में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। अभिनंदन वर्तमान अब क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 से बतौर कमर्शियल पायलट जुड़ गए हैं। वायुसेना में लड़ाकू विमान उड़ाने के बाद अब वह यात्री विमान के कॉकपिट में नजर आएंगे।
FLY91 में शुरू हुई नई पारी
अभिनंदन वर्तमान भारत की क्षेत्रीय एयरलाइन FLY91 में पायलट के रूप में सेवाएं देंगे। मार्च 2024 में परिचालन शुरू करने वाली इस एयरलाइन के बेड़े में वर्तमान में छह ATR 72-600 विमान हैं। एयरलाइन का प्रमुख संचालन गोवा और हैदराबाद बेस से होता है। अभिनंदन के एयरलाइन से जुड़ने को लेकर FLY91 प्रबंधन ने इसे व्यक्तिगत और आंतरिक मामला बताते हुए आधिकारिक तौर पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया है।
2019 में MiG-21 से F-16 का मुकाबला
अभिनंदन वर्तमान को देशभर में 2019 के भारत-पाकिस्तान हवाई संघर्ष के दौरान उनके साहस और भूमिका के लिए जाना जाता है। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने के बाद भारत ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी।
इसके अगले दिन यानी 27 फरवरी को पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। उस समय विंग कमांडर अभिनंदन श्रीनगर एयरबेस पर ऑपरेशनल रेडीनेस ड्यूटी पर तैनात थे। उन्होंने MiG-21 Bison से पाकिस्तानी विमानों का मुकाबला किया। हवाई संघर्ष के दौरान उनका MiG-21 क्षतिग्रस्त हो गया और उन्हें विमान से इजेक्ट करना पड़ा। वह पैराशूट के जरिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में उतरे, जहां पाकिस्तानी सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
करीब 60 घंटे बाद हुई थी रिहाई
अभिनंदन को पाकिस्तान ने करीब 60 घंटे तक हिरासत में रखा। भारत के कूटनीतिक दबाव के बाद पाकिस्तान ने उन्हें 1 मार्च 2019 को वाघा-अटारी सीमा के रास्ते भारत को सौंप दिया। उनकी वापसी के बाद अभिनंदन देशभर में साहस और जांबाजी के प्रतीक बन गए।
वीर चक्र से हुए सम्मानित
अभिनंदन वर्तमान को उनकी बहादुरी और अदम्य साहस के लिए भारत सरकार ने वीर चक्र से सम्मानित किया। वीर चक्र देश का तीसरा सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार है। अब वायुसेना की वर्दी में देश की सेवा करने के बाद अभिनंदन वर्तमान नागरिक उड्डयन क्षेत्र में नई भूमिका निभाएंगे। लड़ाकू विमान से यात्री विमान तक का उनका यह सफर निश्चित रूप से बेहद खास माना जा रहा है।


