दिग्गज पुर्तगाली फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने किया संन्यास का एलान, अचानक लिए गए फैसले से प्रशंसक हैरान

नई दिल्ली, पांच नवम्बर। दुनिया के दिग्गज फुटबॉलरों में शुमार पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से अचानक संन्यास की घोषणा कर दी। रोनाल्डो ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर संन्यास के फैसले की जानकारी साझा की। उनके इस अचानक लिए गए फैसले से दुनियाभर में फैले उनके प्रशंसक हैरान रह गए।

शानदार करिअर के दौरान 6 प्रयासों में कभी विश्व कप नहीं जीत सके

दरअसल, दो दशक से भी पहले यूरो 2004 से शुरू हुए 41 वर्षीय रोनाल्डो के शानदार करिअर का यह एक दु:खद अंत रहा। समझा जाता है कि कोच जॉर्ज जीसस के साथ अनबन के बाद रोनाल्डो ने राष्ट्रीय टीम छोड़ने का फैसला किया और इसी के साथ उनके करिअर का समापन हो गया, जिसमें छह विश्व कप भागीदारी, एक यूरोपीय खिताब और पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज़्यादा गोल करने का रिकॉर्ड शामिल है। हालांकि रोनाल्डो कभी अपने करिअर में विश्व कप नहीं जीत सके।

रोनाल्डो ने जारी किया भावुक वीडियो

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर जारी किए गए वीडियो में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने कहा कि, ‘पुर्तगाली लोगों के लिए, हमारी नेशनल टीम की नंबर 7 जर्सी को लौटाने का दिन आ गया है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह सिर्फ मेरी होगी, लेकिन 23 वर्षों तक मुझे इसे पहनने, इसकी रक्षा करने और दुनियाभर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मिली। आज, इसे आने वाली पीढ़ी को सौंपने का वक्त आ गया है। यह कोई आसान फैसला नहीं था।’

 

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क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने वीडियो में आगे कहा कि, “क्योंकि कुछ फैसले ऐसे होते हैं जो सिर्फ दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से लिए जाते हैं। एक ऐसा सफर खत्म हो रहा है, जिसकी शुरुआत अगस्त 2003 में हुई थी और जिसने मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी। जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं और राष्ट्रीय टीम के साथ बिताए अपने अनुभवों के बारे में सोचता हूं, तो मुझे सिर्फ खेल, गोल, रिकॉर्ड या ट्रॉफियां ही नजर नहीं आतीं, मैं लोगों को देखता हूं। मैं उन प्रवासियों को देखता हूं, जिन्हें 90 मिनट के लिए पुर्तगाल थोड़ा और करीब लगा। मैं लाखों पुर्तगाली लोगों को देखता हूं, जिनसे मैं कभी व्यक्तिगत रूप से नहीं मिला, लेकिन जो मेरी जिंदगी का हिस्सा रहे हैं, क्योंकि आखिरकार, फुटबॉल महज एक खेल से कहीं बढ़कर है। फुटबॉल का मतलब ही लोग हैं।”

‘7 नंबर जर्सी के लिए सबकुछ झोंक दिया’

रोनाल्डो ने आगे कहा कि, “नेशनल टीम के साथ अपने पूरे करियर के दौरान, मैंने अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने की कोशिश की। मैं जीतना चाहता था, मैं सबसे बेहतरीन बनना चाहता था, मैं इतिहास रचना चाहता था। मैं हमेशा खुद से बहुत उम्मीदें रखता था। मुझे हमेशा और अधिक चाहिए होता था, मुझे हमेशा विश्वास था कि हम और आगे जा सकते हैं और मैंने 7 नंबर जर्सी के लिए अपना सब कुछ झोंक दिया।’

‘पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे हमेशा गर्व महसूस होता रहा’

उन्होंने कहा, ‘कुछ बेहतरीन दोपहर और रातें थीं। ऐसी जीत थीं, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता। कुछ ऐसी हार भी थीं, जिन्हें याद करके आज भी तकलीफ होती है। मैंने असफलताएं भी देखीं, मैंने कष्ट भी सहे और कुछ ऐसे पल भी आए, जब मैं पुर्तगाल के लोगों को वह नहीं दे पाया, जिसकी वे बहुत चाहत रखते थे, लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। और सबसे बड़ी बात, पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर मुझे हमेशा गर्व महसूस होता रहा।’

ऐसा रहा रोनाल्डो का अंतरराष्ट्रीय करिअर

रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय करिअर में 234 मैच खेले, जिसमें उन्होंने 146 गोल किए। 20 अगस्त, 2003 में कजाखस्तान के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले रोनाल्डो ने पहला गोल 2004 में ग्रीस के खिलाफ किया था।

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