मुंबई, 2 नवंबर। आज बॉलीवुड के ‘किंग खान’ यानी शाहरुख खान की हेयरस्टाइल के लाखों दीवाने हैं। उनके लंबे बाल और खास अंदाज उनकी पहचान बन चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि करियर के शुरुआती दिनों में शाहरुख खान को अपने बालों से समझौता करना पड़ा था? एक निर्देशक ने उन्हें अपने शो में काम देने से पहले बाल कटवाने की शर्त रख दी थी। अभिनय का जुनून ऐसा था कि शाहरुख ने अपनी पसंदीदा हेयरस्टाइल तक कुर्बान कर दी। यह किस्सा उनके संघर्ष के उन दिनों का है, जब वह मनोरंजन की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। आइए जानते हैं कि आखिर कब और क्यों शाहरुख खान को अपने लंबे बाल कटवाने पड़े थे।
दिल्ली से मुंबई तक का सफर
शाहरुख खान का जन्म 2 नवंबर 1965 को नई दिल्ली में हुआ था। उन्होंने दिल्ली के हंसराज कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक की पढ़ाई की। कॉलेज के दिनों में ही उनकी दिलचस्पी अभिनय की ओर बढ़ने लगी थी। वह थिएटर एक्शन ग्रुप से जुड़े और मशहूर थिएटर निर्देशक बैरी जॉन के मार्गदर्शन में अभिनय की बारीकियां सीखीं। इसके बाद उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया में मास कम्युनिकेशन के पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स में दाखिला लिया, लेकिन अभिनय के जुनून के चलते पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी।
माता-पिता के निधन के बाद शाहरुख ने जिंदगी में बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना लेकर मुंबई का रुख किया। उनके पास न तो फिल्मी दुनिया में कोई बड़ा सहारा था और न ही कोई गॉडफादर। हालांकि, अभिनय के प्रति उनका आत्मविश्वास और मेहनत उन्हें लगातार आगे बढ़ाती रही।
एक निर्देशक ने रख दी थी बाल कटवाने की शर्त
शाहरुख खान को कैमरे के सामने अभिनय करने का शुरुआती मौका निर्देशक लेख टंडन के टीवी शो ‘दिल दरिया’ से मिला था। बताया जाता है कि इस शो में काम करने के लिए निर्देशक ने उनके सामने एक शर्त रखी थी। उन्हें अपने लंबे और बिखरे हुए बाल कटवाने थे।
शाहरुख को अपने बाल काफी पसंद थे, लेकिन अभिनय का मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे। ऐसे में उन्होंने अपनी पसंद को किनारे रखते हुए निर्देशक की बात मान ली और बाल कटवा लिए। इस शो में उन्हें नंदू नाम का छोटा-सा किरदार मिला था।
हालांकि, प्रोडक्शन और शूटिंग में देरी के कारण ‘दिल दरिया’ का प्रसारण समय पर नहीं हो सका। इसी बीच शाहरुख को कर्नल राज कपूर के धारावाहिक ‘फौजी’ में काम करने का मौका मिल गया। यह शो पहले प्रसारित हुआ और इसी से वह घर-घर में पहचाने जाने लगे।
‘फौजी’ ने बदल दी किस्मत
धारावाहिक ‘फौजी’ के लिए शाहरुख जब ऑडिशन देने पहुंचे, तब निर्देशक कर्नल राज कपूर को शुरुआत में उनकी प्रतिभा का अंदाजा नहीं था। ऑडिशन के दौरान उनके गालों के डिंपल भी चर्चा का विषय बन गए। बताया जाता है कि कर्नल कपूर को लगा कि उनके डिंपल असली नहीं हैं और उन्होंने उन्हें छूकर भी देखा था।
शुरुआत में शाहरुख को सेकेंड लीड या छोटे किरदार के लिए चुना गया था। लेकिन कैमरे के सामने आते ही उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, ऊर्जा और चुलबुले अंदाज ने सबका ध्यान खींच लिया। दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगी और धीरे-धीरे उनका किरदार भी अहम होता चला गया। इस तरह शाहरुख खान ‘फौजी’ के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए।
टीवी से बॉलीवुड तक ऐसे पहुंचे शाहरुख
‘फौजी’ से मिली पहचान के बाद शाहरुख खान को अजीज मिर्जा के लोकप्रिय धारावाहिक ‘सर्कस’ में काम करने का मौका मिला। टेलीविजन पर उनकी लोकप्रियता ने फिल्मी दुनिया के लोगों का ध्यान भी खींचा। अभिनेत्री और निर्देशक हेमा मालिनी ने उन्हें अपनी फिल्म ‘दिल आशना है’ में मुख्य भूमिका के लिए चुना।
इसके बाद शाहरुख ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। 90 के दशक में उन्होंने एक अलग राह चुनते हुए ‘बाजीगर’, ‘डर’ और ‘अंजाम’ जैसी फिल्मों में नकारात्मक किरदार निभाए। उस दौर में बड़े अभिनेताओं के लिए ऐसे किरदार करना आसान फैसला नहीं था, लेकिन शाहरुख ने अपने अभिनय से इन भूमिकाओं को यादगार बना दिया। फिल्म ‘बाजीगर’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।
‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ ने बनाया रोमांस का किंग
साल 1995 में रिलीज हुई फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ ने शाहरुख खान के करियर को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। राज के किरदार में उन्होंने दर्शकों के दिलों में ऐसी जगह बनाई कि वह रोमांटिक हीरो के रूप में पहचाने जाने लगे। इसके बाद उनकी लोकप्रियता भारत ही नहीं, दुनियाभर में फैलती चली गई।
आज शाहरुख खान की पहचान सिर्फ उनकी फिल्मों या अभिनय तक सीमित नहीं है। उनका अंदाज, संवाद बोलने का तरीका और हेयरस्टाइल भी प्रशंसकों के बीच खासा लोकप्रिय है। लेकिन उनके इस मुकाम के पीछे संघर्ष के ऐसे कई किस्से छिपे हैं, जो बताते हैं कि सफलता पाने के लिए कभी-कभी अपनी पसंद से भी समझौता करना पड़ता है।


