लखनऊ, 18 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर बढ़ती जा रही सियासी गर्मी के बीच सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर मंत्रियों व विधायकों के टिकट काटे जाने की आशंका के चलते हड़कंप मचा हुआ है।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर करीब 105 विधायकों के टिकट काटे जाने पर सहमति
भाजपा के शीर्ष नेताओं की मानें तो चुनावी सर्वे करने वाली विभिन्न एजेंसियों की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर करीब 105 विधायकों के टिकट काटे जाने पर सहमति बनी है। इनमें योगी सरकार के मंत्री भी शामिल हैं। इसके साथ ही चुनावी सर्वे करने वाली एजेंसियों ने योगी सरकार के दो दर्जन से अधिक मंत्रियों के खिलाफ जनता की नाराजगी की रिपोर्ट दी है। अब या तो इन मंत्रियों को चुनाव मैदान में उतरा नहीं जाएगी या फिर इनकी सीटें बदली जाएंगी।
चुनावी सर्वे बन रहे टिकट काटे जाने का आधार
भाजपा मुख्यालय में बैठने वाले वरिष्ठ नेताओं के अनुसार हाल ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने योगी सरकार के मंत्रियों और पार्टी विधायकों के बारे में जनता की राय जानने के लिए कई एजेंसियों से सर्वे कराया था। ऐसे सर्वे में भाजपा के मौजूदा 255 विधायकों में से करीब 105 के खिलाफ जनता की नाराजगी पायी गई है।
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी जनप्रतिनिधियों से जनता खफा!
पता तो यह भी चला है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की विधानसभा सीटों से लगातार चुनाव जीत रहे विधायक तथा मंत्रियों से भी स्थानीय नागरिक बेहद खफा हैं। लोगों का कहना था कि विधानसभा से चुनकर आए क्षेत्र के मंत्री जनता से मिलते नहीं हैं, जनता के काम करना तो दूर।
योगी सरकार के 2 मंत्री व लगातार चुनाव जीत रहे 3 विधायकों को अबकी टिकट न देने की सलाह
वाराणसी की जनता के इस रुख को देखते ही हुए ही एक सर्वे रिपोर्ट में योगी सरकार के दो मंत्री तथा लगातार चुनाव जीत रहे तीन विधायकों को इस चुनाव में टिकट न देने की सलाह दी गई और यह कहा गया कि अगर इन नेताओं विधानसभा का चुनाव लड़ाया गया तो वह चुनाव हार जाएंगे क्योंकि इनका व्यवहार जनता के लिए ठीक नहीं रहा है। दरअसल, चुनाव जीतने के बाद भी इन लोगों ने जनता की समस्याओं को सुनने में रुचि नहीं ली।
ऐसी ही शिकायत प्रदेश के कमोबेश हर जिले में चुनाव जीते भाजपा विधायकों को लेकर जनता ने की है। बताया जा रहा है कि लगातार दो-तीन चुनाव जीते विधायकों को लेकर इस तरह की शिकायतें अधिक मिली हैं। यही वजह है कि भाजपा में ऐसे विधायकों के टिकट काटे जाने की संभावना है।
पंकज चौधरी बोले- अभी तो सिर्फ जनता का मूड का जानने की कवायद जारी
हालांकि प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का कहना है कि अभी किसी विधायक या मंत्री के टिकट काटे जाने का फैसला नहीं हुआ है। अभी तो सिर्फ जनता का मूड का जानने की कवायद की जा रही है।
इस वजह से काटे जाएंगे विधायकों के टिकट
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के इस तर्क पर योगी सरकार के एक सीनियर मंत्री का कहना है कि बीते विधानसभा और लोकसभा के चुनावों में इसी तरह के तर्क दिए गए थे, जिसके बाद बड़ी संख्या में विधायकों के टिकट काटे और बदले गए थे। बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिन सीटों पर उम्मीदवार बदले, उनमें से 80% सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इसलिए पांच वर्ष पहले के फार्मूले को आगामी विधानसभा चुनाव में भी अपनाया जाएगा, ताकि सपा-कांग्रेस के गठबंधन को टक्कर दी जा सके।
यह इसलिए भी जरूरी है कि 2019 में 62 लोकसभा सीट जीतने वाली भाजपा बीते लोकसभा चुनाव में 33 सीटों पर सिमट गई। पार्टी नेताओं का कहना है कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 49 मौजूदा सांसदों को दोबारा टिकट दिया था, जिनमें से 27 चुनाव हार गए।
सिर्फ पुराने और स्थापित चेहरों के भरोसे चुनाव लड़ना हमेशा सुरक्षित रणनीति नहीं
इस प्रदर्शन के बाद ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने यह महसूस किया कि सिर्फ पुराने और स्थापित चेहरों के भरोसे चुनाव लड़ना हमेशा सुरक्षित रणनीति नहीं है। इसलिए अब बीते लोकसभा चुनावों के परिणाम से सबक लेते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में विधायकों के टिकट काटे जाएंगे।
फिलहाल पार्टी में मंत्रियों और विधायकों के टिकट काटे जाने को लेकर इस वक्त हड़कंप मचा हुआ है और तमाम मंत्री/विधायक अपने टिकट बचाने के लिए पार्टी के बड़े नेताओं के यहां परिक्रमा करने पहुंचने लगे है। इसके साथ ही अब जनता की समस्याओं को भी सुनने के लिए समय दे रहे हैं।


