ग्वालियर, 18 अगस्त। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवरात्र के दौरान शीतला माता मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए शनिवार-रविवार की दरमियानी रात काल बनकर आई। चीनौर रोड पर करीब रात 1:30 बजे एक तेज रफ्तार बेकाबू ट्रक ने मंदिर के पास मौजूद श्रद्धालुओं और सड़क किनारे लगी अस्थायी दुकानों को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो पुलिसकर्मियों समेत 29 लोग घायल हो गए। घायलों में सात की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद घटनास्थल से लेकर अस्पताल तक चीख-पुकार और मातम का माहौल बन गया।
ढलान पर अनियंत्रित हुआ ट्रक, मंदिर के गेट से टकराया
जानकारी के मुताबिक, हादसा चीनौर रोड पर मंदिर के पास ढलान वाले हिस्से में हुआ। उस समय नवरात्र के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ थी और सड़क किनारे अस्थायी दुकानें भी लगी हुई थीं। बताया जा रहा है कि ढलान पर ट्रक चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। बेकाबू ट्रक श्रद्धालुओं और दुकानों को रौंदता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की पक्की दीवार ढह गई। इसके बाद कई लोग मलबे के नीचे दब गए।
धूल, धुआं और चीख-पुकार से दहल उठा घटनास्थल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ट्रक की टक्कर के बाद घटनास्थल पर धूल और धुएं का गुबार छा गया। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। लोग अपनों को तलाशने और घायलों को मलबे से निकालने में जुट गए। प्रत्यक्षदर्शी गजेंद्र प्रजापति ने बताया कि उनके साले की मंदिर के पास दुकान थी, जो इस हादसे में घायल हो गए। हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में 13 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि
ग्वालियर के 1000 बिस्तर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने 13 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की है। हादसे में घायल 29 लोगों को अस्पतालों और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनमें सात की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही मृतकों और घायलों के परिजन अस्पताल पहुंचने लगे। अस्पताल के बाहर अपनों की तलाश में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
हादसे में जान गंवाने वाले बालक दिव्यांश की परिजन सावित्री ने बताया कि वे दर्शन करने के बाद बाहर निकल आए थे, लेकिन काफी तलाश करने के बावजूद बच्चा नहीं मिला। बाद में मंदिर परिसर के अंदर जाकर खोजने पर दिव्यांश का शव मिला। इस घटना ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया।
हादसे में जान गंवाने वाले आठ लोगों की पहचान
प्रशासन की ओर से अब तक आठ मृतकों की पहचान की गई है। इनमें सत्येंद्र गुर्जर (22), सरला तोमर (50), गौरव परिहार (18), महेश शर्मा (45), विमलेश (18), देवेश बघेल (17), प्रिंस उर्फ छोटू जाटव (16) और शौर्य शर्मा (15) शामिल हैं। मृतकों में किशोरों और युवाओं के नाम भी शामिल हैं। हादसे ने कई परिवारों को गहरे दुख में डुबो दिया है।
पुलिस ने ट्रक जब्त किया, जांच शुरू
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया और मलबा हटाया गया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। नवरात्र के दौरान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अब जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि ट्रक अनियंत्रित कैसे हुआ और दुर्घटना के लिए कौन-से कारण जिम्मेदार थे।


