लखनऊ, 12 अक्टूबर। शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी तप, त्याग, संयम और साधना की प्रतीक हैं। माता का यह स्वरूप भक्तों को धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। मान्यता है कि विधि-विधान से मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और सकारात्मकता आती है।
मां ब्रह्मचारिणी श्वेत वस्त्र धारण करती हैं। उनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल सुशोभित है। देवी के इस स्वरूप की पूजा में सफेद फूल, मिश्री, शक्कर और गन्ने का रस अर्पित करने की परंपरा है। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आरती और मंत्र का जाप करना भी शुभ माना जाता है।
मां ब्रह्मचारिणी की आरती
जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता॥
ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो॥
ब्रह्म मन्त्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सरल संसारा॥
जय गायत्री वेद की माता। जो जन जिस दिन तुम्हें ध्याता॥
कमी कोई रहने ना पाये। कोई भी दुख सहने न पाये॥
उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने॥
रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मन्त्र श्रद्धा दे कर॥
आलस छोड़ करे गुणगाना। मां तुम उसको सुख पहुंचाना॥
ब्रह्मचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम॥
भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी॥
मां ब्रह्मचारिणी के पूजा मंत्र
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप किया जाता है।
ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः।
इसके अलावा देवी के इस मंत्र का पाठ भी कर सकते हैं।
**या देवी सर्वभूतेषु ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥**
मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने के लिए सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर माता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। फिर श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करें।
- दीपक जलाएं: माता के सामने घी या तेल का दीपक जलाकर पूजा शुरू करें।
- पूजा सामग्री अर्पित करें: मां को रोली, अक्षत, चंदन, धूप और पुष्प अर्पित करें।
- सफेद फूल चढ़ाएं: धार्मिक परंपरा के अनुसार, मां ब्रह्मचारिणी को सफेद फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है।
- भोग लगाएं: माता को मिश्री, शक्कर, सफेद मिठाई या गन्ने का रस अर्पित करें।
- मंत्र जाप करें: ‘ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
- आरती करें: पूजा के अंत में मां ब्रह्मचारिणी की आरती करें और सुख-शांति की कामना करें।
धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से भक्तों को धैर्य, संयम और आत्मबल की प्रेरणा मिलती है। भक्त इस दिन माता से परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। इनके परिणामों की वैज्ञानिक पुष्टि का दावा नहीं किया गया है।


