लखनऊ, 12 अक्टूबर। शारदीय नवरात्र के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं की सुरक्षा, बेटियों की शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के लिए सामूहिक संकल्प लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। नवरात्र का संदेश अहंकार, दुराग्रह और नकारात्मक प्रवृत्तियों पर साहस, संकल्प, विनम्रता और धर्म की विजय है।
मुख्यमंत्री ने अपनी ‘योगी की पाती’ में कहा कि मां दुर्गा के नौ स्वरूप शक्ति, साहस और सकारात्मकता की प्रेरणा देते हैं। इस चेतना को सार्थक बनाने के लिए मातृशक्ति को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि नवरात्र में पूजा-पाठ और उपवास के साथ महिलाओं की मदद, बालिकाओं की शिक्षा और महिला स्वावलंबन के लिए भी योगदान देने का संकल्प लें।
महिषासुर पर मां दुर्गा की विजय धर्म और न्याय का प्रतीक
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब महिषासुर के अत्याचार से तीनों लोकों में हाहाकार मचा था, तब देवताओं की सामूहिक ऊर्जा से आदिशक्ति मां दुर्गा का प्राकट्य हुआ। मां ने महिषासुर का वध कर धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना की। मुख्यमंत्री ने इसी विजय और शक्ति की आराधना के पर्व शारदीय नवरात्र पर प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं दीं।
उन्होंने प्रभु श्रीराम की ओर से लंका विजय से पहले मां जगतजननी की साधना का प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने कहा कि साधना के दौरान 108 नीलकमलों में एक कमल कम पड़ने पर प्रभु श्रीराम ने अपना नयन अर्पित करने का निश्चय किया। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर मां प्रकट हुईं और उन्हें विजय का वरदान दिया।
नवरात्र का संदेश- शक्ति और संकल्प से ही प्रभावी होती है सज्जनता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां दुर्गा ममता और वात्सल्य की प्रतिमूर्ति होने के साथ-साथ दुष्ट शक्तियों के विनाश के लिए चंडी का स्वरूप भी धारण करती हैं। उन्होंने मधु-कैटभ, शुंभ-निशुंभ और रक्तबीज जैसे दानवों के संहार का उल्लेख करते हुए कहा कि मां के विभिन्न स्वरूप अन्याय और नकारात्मक प्रवृत्तियों के विरुद्ध संघर्ष की प्रेरणा देते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भी समाज को अहंकार, दुराग्रह और नकारात्मकता जैसी प्रवृत्तियों से संघर्ष करना पड़ता है। नवरात्र हमें याद दिलाता है कि सज्जनता तभी प्रभावी होती है, जब उसमें शक्ति और संकल्प का सामर्थ्य हो। यही विचार महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प का आधार है।
शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की आस्था सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी, मां पाटेश्वरी और मां शाकम्भरी जैसे प्रमुख शक्तिपीठों में नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और युवाओं की सहभागिता दर्शाती है कि नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ रही है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आस्था, संस्कृति और परंपरा के पुनर्जागरण का प्रमुख केंद्र बन रहा है। इस सांस्कृतिक चेतना को मजबूत बनाने के लिए बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
मिशन शक्ति से महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण पर जोर
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मिशन शक्ति अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को जनभागीदारी से जोड़ना है।मुख्यमंत्री के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस बल में 44 हजार से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं और पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने बताया कि वीरांगनाओं ऊदा देवी पासी, झलकारी बाई कोरी और रानी अवंतीबाई लोधी के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन गठित की गई हैं।
कन्या सुमंगला योजना और स्वयं सहायता समूहों से महिलाओं को संबल
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर एक करोड़ से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की कि नवरात्र के अवसर पर ऐसा संकल्प लें, जिससे किसी जरूरतमंद महिला को सुरक्षा मिले, किसी बालिका की पढ़ाई में मदद हो और किसी महिला को आत्मनिर्भर बनने में सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि आदिशक्ति की आराधना तभी सार्थक होगी, जब प्रदेश की मातृशक्ति सुरक्षित, सम्मानित और स्वावलंबी बनेगी। इसी दिशा में सामूहिक प्रयास विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को मजबूत करेंगे।


