ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा की जांच की मांग, पूर्व IPS भास्कर राव ने गृह सचिव को लिखा पत्र

बेंगलुरु, 9 अक्टूबर। यूट्यूबर ध्रुव राठी की नागरिकता, वीजा और इमिग्रेशन स्टेटस की जांच की मांग उठी है। सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी और बेंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर इस मामले की जांच कराने की मांग की है। यह मांग बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में 8 अक्टूबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन में ध्रुव राठी के शामिल होने के बाद की गई है।

भास्कर राव ने पत्र में क्या कहा?

भास्कर राव ने अपने पत्र में दावा किया है कि ध्रुव राठी के पास जर्मन नागरिकता होने की जानकारी है। इसी आधार पर उन्होंने उनके पासपोर्ट, वीजा की श्रेणी, भारत आने के उद्देश्य और देश में रहने की अधिकृत अवधि की जांच करने का अनुरोध किया है। उन्होंने यह भी पता लगाने की मांग की है कि ध्रुव राठी भारतीय इमिग्रेशन नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। पूर्व आईपीएस अधिकारी ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या ध्रुव राठी के पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड या भारत में रहने का कोई अन्य वैध दर्जा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया से जुड़े राजनीतिक प्रदर्शन में उनकी भागीदारी लागू नियमों के तहत अनुमत है या नहीं। हालांकि, नागरिकता और वीजा को लेकर उठाए गए सवालों के आधार पर किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि नहीं होती। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक जानकारी जरूरी होगी।

SIR के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल हुए थे ध्रुव राठी

ध्रुव राठी ने 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। यह प्रदर्शन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और अन्य नागरिक संगठनों की ओर से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में अभिनेता और एक्टिविस्ट प्रकाश राज समेत कई लोग मौजूद थे। प्रकाश राज ने ध्रुव राठी को प्रदर्शन का ‘सरप्राइज गेस्ट’ बताया और उन्हें मंच पर आमंत्रित किया था। प्रदर्शन के दौरान ध्रुव राठी ने चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी का आरोप लगाया था।

SIR को लेकर विपक्ष का विरोध जारी

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों का विरोध जारी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इसे लेकर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली में संसद मार्ग और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच अब ध्रुव राठी की नागरिकता और वीजा की जांच की मांग भी चर्चा में है। हालांकि, इस मामले में अंतिम स्थिति संबंधित अधिकारियों की जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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