मुंबई, 25 सितंबर। भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत हल्की बढ़त के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 151 अंक यानी 0.20 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,725 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 26 अंक यानी 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,091 पर कारोबार करता नजर आया।
शुरुआती कारोबार में बाजार के प्रमुख सूचकांकों में मिलाजुला रुख देखने को मिला। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी ऑटो शुरुआती दौर में टॉप गेनर्स में रहे। इसके अलावा निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी मेटल, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग और निफ्टी मीडिया भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर निफ्टी आईटी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी कमोडिटीज लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में भी मामूली तेजी
लार्जकैप शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी शुरुआती कारोबार में हल्की मजबूती रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 10 अंक की बढ़त के साथ 61,001 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 5 अंक की तेजी के साथ 19,688 पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स के इन शेयरों में दिखी तेजी
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, एक्सिस बैंक, एमएंडएम, पावर ग्रिड, एसबीआई, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इंडिगो, एशियन पेंट्स, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक और टाइटन बढ़त में रहे। वहीं, इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचयूएल, इटरनल, एनटीपीसी, टाटा स्टील, सन फार्मा, ट्रेंट और आईटीसी दबाव में कारोबार कर रहे थे।
वैश्विक बाजारों में भी मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। टोक्यो और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में रहे, जबकि ऑस्ट्रेलिया और जकार्ता के बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाओ जोन्स में 0.31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
कच्चे तेल और ब्याज दरों पर बाजार की नजर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और लगातार बनी हुई महंगाई के बीच अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार में चिंता बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख बाजार में बड़ी तेजी की राह को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार के लिए अहम संकेतक रहेगा। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा कमजोरी में मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों, खासकर लार्जकैप शेयरों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।


