नई दिल्ली, 25 सितंबर : दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों से पहले चीनी की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत की उम्मीद जताई गई है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के महानिदेशक दीपक बल्लानी ने गुरुवार को कहा कि सरकार और चीनी उद्योग मिलकर यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को पर्याप्त मात्रा में चीनी उचित कीमत पर उपलब्ध हो।
बल्लानी ने कहा कि त्योहारों के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए घरेलू बाजार में इसकी स्थिर आपूर्ति बनाए रखना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में पहले ही नरमी देखने को मिल रही है और आने वाले हफ्तों में इसमें और कमी आ सकती है।
एक्स-मिल कीमतों में 25-30 फीसदी की गिरावट
ISMA महानिदेशक के मुताबिक, चीनी की एक्स-मिल कीमतों में पहले ही करीब 25 से 30 प्रतिशत की कमी आ चुकी है। पूरे भारत में एक्स-मिल चीनी की औसत कीमत फिलहाल करीब 4,450 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई है।
उन्होंने कहा कि एक्स-मिल कीमतों में बदलाव का असर खुदरा बाजार तक पहुंचने में कुछ समय लगता है। इसकी वजह आपूर्ति श्रृंखला में लगने वाला समय है। जैसे-जैसे कम कीमत वाली चीनी बाजार की आपूर्ति श्रृंखला में आगे पहुंचेगी, खुदरा कीमतों में भी धीरे-धीरे कमी आने की उम्मीद है।
त्योहारों में चीनी की मांग बढ़ने की उम्मीद
दशहरा और दिवाली के साथ देश में मिठाइयों और अन्य खाद्य उत्पादों की मांग बढ़ती है, जिससे चीनी की खपत भी बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में सरकार और उद्योग के सामने पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के साथ कीमतों को नियंत्रित रखने की चुनौती रहती है। बल्लानी ने कहा कि घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है और कीमतों को काबू में रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
खुदरा कीमतों में और नरमी की उम्मीद
बल्लानी के मुताबिक, एक्स-मिल कीमतों में आई कमी का पूरा असर खुदरा बाजार में आने में कुछ समय लगेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में बाजार में कम लागत वाली चीनी की उपलब्धता बढ़ने के साथ उपभोक्ताओं को इसका लाभ खुदरा कीमतों में भी दिखाई देगा। इससे त्योहारी सीजन में चीनी खरीदने वाले उपभोक्ताओं को कुछ राहत मिल सकती है।


