सेमीकॉन इंडिया 2026 में 56 एमओयू पर हस्ताक्षर, डिजाइन से लेकर रिसर्च तक मजबूत हुई साझेदारी

नई दिल्ली। भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को मजबूत करने की दिशा में आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ निवेश, तकनीकी साझेदारी और उद्योग सहयोग का बड़ा मंच बनकर उभरा। तीन दिन चले इस सम्मेलन में 600 से अधिक प्रदर्शकों, करीब 300 अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और 52 देशों ने भागीदारी की। इस दौरान सेमीकंडक्टर डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च समेत विभिन्न क्षेत्रों में 56 एमओयू, घोषणाएं और रणनीतिक पहल सामने आईं।

सरकारी बयान के मुताबिक, भारत की इस पांचवीं फ्लैगशिप सेमीकंडक्टर कॉन्फ्रेंस ने देश में विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग, निवेशकों, शिक्षण संस्थानों और तकनीकी संगठनों को एक साझा मंच उपलब्ध कराया।

छह देशों के पवेलियन, 12 राज्यों की भागीदारी

सेमीकॉन इंडिया 2026 में जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर और स्वीडन के छह कंट्री पवेलियन लगाए गए। इसके अलावा 12 राज्यों के पवेलियन भी सम्मेलन का हिस्सा रहे। कार्यक्रम में स्टार्टअप पवेलियन, वर्कफोर्स डेवलपमेंट जोन, इनोवेशन शोकेस और स्टूडेंट हैकाथॉन जैसे विशेष आयोजन भी हुए। इनके जरिए सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में हो रहे काम, तकनीकी नवाचार और प्रतिभाओं को प्रदर्शित किया गया।

51,656 रजिस्ट्रेशन, करीब 40 हजार लोगों ने लिया हिस्सा

आयोजकों के मुताबिक, सेमीकॉन इंडिया 2026 के लिए कुल 51,656 रजिस्ट्रेशन हुए, जबकि करीब 40,000 लोगों ने सम्मेलन में भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल पॉलिसी और प्रोजेक्ट प्लानिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि देश कमर्शियल सेमीकंडक्टर प्रोडक्शन के चरण में प्रवेश कर चुका है।

दो नई कमर्शियल प्रोडक्शन लाइनों का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के दौरान युवा चिप डिजाइनर्स और छात्रों से संवाद किया। उन्होंने वर्चुअली दो नई कमर्शियल प्रोडक्शन लाइनों का उद्घाटन भी किया। ये प्रोडक्शन लाइनें सीडीआईएल सेमीकंडक्टर, मोहाली और सुची सेमीकॉन, सूरत में शुरू हुई हैं। इसके साथ ही सेमीकॉन 1.0 के तहत मंजूर किए गए 12 प्रोजेक्ट्स में से पांच यूनिट अब पूरी तरह संचालन में आ चुकी हैं।

Semicon 2.0 के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये का बजट

प्रधानमंत्री ने सम्मेलन में Semicon 2.0 की रूपरेखा भी पेश की। इसका उद्देश्य सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन के हर स्तर पर देश की क्षमता को बढ़ाना है। Semicon 2.0 के लिए 1,27,500 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। यह कार्यक्रम छह प्रमुख पिलर्स पर आधारित है, जिनमें सेमीकंडक्टर डिजाइन, मशीन और मटेरियल, नई फैब्स, एडवांस्ड पैकेजिंग, रिसर्च और टैलेंट डेवलपमेंट शामिल हैं।

डिजाइन से लेकर एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग तक सहयोग

सम्मेलन में हुए 56 एमओयू और घोषणाएं सेमीकंडक्टर डिजाइन, फैब्रिकेशन, एडवांस्ड पैकेजिंग, उपकरण एवं सामग्री, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, आरएंडडी, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइजेशन, स्किलिंग और वर्कफोर्स डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों से जुड़ी रहीं।

सरकारी बयान के अनुसार, सम्मेलन के दौरान सेमीकंडक्टर निर्माताओं, उपकरण कंपनियों, डिजाइन फर्मों, शिक्षण संस्थानों और स्किलिंग संगठनों के बीच सहयोग और निवेश को लेकर कई अहम घोषणाएं हुईं। इससे भारत में सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन को व्यापक स्तर पर विकसित करने की दिशा में गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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