नई दिल्ली, 18 सितम्बर। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 11 सितम्बर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex reserves) 780.78 अरब डॉलर पर स्थिर रहा। इससे पहले चार सितम्बर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 785.71 अरब डॉलर तक पहुंच गया था, जिसमें 44.90 अरब डॉलर की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। उससे पहले 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में भंडार 11.47 अरब डॉलर से बढ़कर 740.80 अरब डॉलर हो गया था।
फॉरेक्स रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA) हैं। चार सितम्बर को समाप्त सप्ताह में इनका स्तर 648.17 अरब डॉलर रहा। उस सप्ताह एफसीए में 47.498 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई थी। यह स्तर मार्च के अंत की तुलना में 95.886 अरब डॉलर और एक वर्ष पहले के मुकाबले 63.692 अरब डॉलर अधिक था।
4 सितम्बर तक भारत का स्वर्ण भंडार 113.816 अरब डॉलर रहा
चार सितम्बर तक भारत का स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) 113.816 अरब डॉलर रहा। हालांकि सप्ताह के दौरान इसमें कुछ उतार-चढ़ाव देखा गया, फिर भी यह एक वर्ष पहले के मुकाबले 23.517 अरब डॉलर अधिक था। हालांकि मार्च के अंत की तुलना में यह 1.580 अरब डॉलर कम रहा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भारत की स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) होल्डिंग चार सितम्बर तक 18.806 अरब डॉलर रही। यह मार्च के अंत की तुलना में 184 मिलियन डॉलर और एक वर्ष पहले की तुलना में 64 मिलियन डॉलर अधिक थी। वहीं आईएमएफ के साथ भारत की रिजर्व पोजीशन 4.916 अरब डॉलर रही। यह मार्च के अंत की तुलना में 108 मिलियन डॉलर और पिछले वर्ष के समान स्तर से 168 मिलियन डॉलर अधिक थी।
कुल मिलाकर, चार सितम्बर तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मार्च के अंत की तुलना में 94.599 अरब डॉलर बढ़ चुका था, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले इसमें 87.438 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई। विदेशी मुद्रा भंडार का यह मजबूत स्तर भारत को बाहरी आर्थिक झटकों से सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही यह वैश्विक वित्तीय बाजारों और विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान देश की स्थिति को मजबूत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


