न्यूजीलैंड की संसद ने भारत के साथ FTA को दी मंजूरी, पीएम लक्सन ने जताई खुशी

वेलिंगटन, 16 सितम्बर। न्यूजीलैंड की संसद ने बुधवार को भारत के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को 93-29 (पक्ष-विपक्ष) के मत से मंजूरी दे दी। देश के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले यह जानकारी देते हुए बताया कि वोट से इस समझौते और इससे होने वाले संभावित आर्थिक फायदों के लिए संसद का मजबूत समर्थन मिला है।

न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा

टॉड मैक्ले ने कहा कि एफटीए से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारत में ज्यादा पहुंच मिलेगी, जो दुनिया की सबसे बड़ी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। मैक्ले के अनुसार, जब यह समझौता लागू होगा, तो भारत को होने वाले न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। पूरी तरह लागू होने पर, 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क हटा दिए जाएंगे या काफी कम कर दिए जाएंगे।

मैक्ले ने यह भी बताया कि अकेले कीवीफ्रूट इंडस्ट्री को पांच वर्षों में शुल्क के तौर पर लगभग 125 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर की बचत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से बॉर्डर पर तेजी से क्लीयरेंस मिलेगी और भारत के बढ़ते मध्यम वर्ग तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जो भोजन, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, पर्यटन, प्रोफेशनल सेवाओं और अन्य उत्पादों की मांग बढ़ा रहा है।

वर्ष के अंत तक एफटीए लागू होने की उम्मीद

उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड-भारत के बीच बातचीत की घोषणा मार्च, 2025 में की गई थी और सरकार को उम्मीद है कि यह समझौता इस वर्ष के आखिर तक लागू हो जाएगा। एफटीए से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को अपने बिजनेस संबंध बढ़ाने में मदद मिलेगी और इससे भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन द्वारा 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने के लक्ष्य को भी समर्थन मिलेगा। यह समझौता तब लागू होगा, जब दोनों देश अपनी-अपनी मंजूरी प्रक्रिया पूरी कर लेंगे।

पीएम लक्सन बोले – दोनों देशों के बीच व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

इस बीच न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन भारत के साथ एफटीए को कीवी संसद से मंजूरी मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगी। साथ ही, इस समझौते से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, ‘लोगों ने मुझसे कहा था कि भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट मुमकिन नहीं है, लेकिन आज उस समझौते को संसद से मंजूरी मिल गई है। नेशनल पार्टी ने कहा था कि हम अपने पहले कार्यकाल में भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करेंगे और हमने वह करके दिखाया है।’

भारत में न्यूजीलैंड के और ज्यादा उत्पाद बिकेंगे

उन्होंने आगे कहा कि इस अहम समझौते का मतलब है कि न्यूजीलैंड के लोगों के लिए ज्यादा नौकरियां और ज्यादा आमदनी होगी। साथ 1.4 अरब भारतीय ग्राहकों तक पहुंचने का रास्ता खुलने से भारत में न्यूजीलैंड के और ज्यादा उत्पाद बिकेंगे। साथ ही, यह अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और आपको तरक्की में मदद करने का एक तरीका है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular