कर्नाटक : कैबिनेट मंत्री बी नागेंद्र ने दिया इस्तीफा, कथित वाल्मीकि घोटाले में अपनी भूमिका से किया इनकार

बेंगलुरु, 28 अगस्त। कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी नागेंद्र ने अपने पद से शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। कर्नाटक राज्य महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित तौर पर 89 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के आरोपों में घिरे बी. नागेंद्र ने भाजपा की रायचूर से बेल्लारी तक 10 दिनों की पदयात्रा से ठीक पहले दिया गया।

बोले – ‘मैं अपनी मर्जी से मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं’

नागेंद्र ने विधानसभा परिसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कथित वाल्मीकि घोटाले में अपनी किसी भी भूमिका से इनकार करते हुए कहा, ‘आज मैं अपनी मर्जी से मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।’ उल्लेखनीय है कि विपक्षी दल भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) नागेंद्र की मंत्रिमंडल में वापसी का विरोध कर रहे थे। इसी मुद्दे पर दो वर्ष पहले भी उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।

आरोप – मनुवादी नहीं चाहते कि देश में कोई आदिवासी व्यक्ति तरक्की करे

नागेंद्र ने भाजपा की ओर इशारा करते हुए आरोप लगाया, “मनुवादियों ने मुझे निशाना बनाया क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि देश में कोई आदिवासी व्यक्ति तरक्की करे। मैं विधायक पद से इस्तीफा देने और ‘जनता की अदालत’ में जाने के लिए भी तैयार हूं। वे (भाजपा) मुझे ईडी और सीबीआई से नहीं डरा सकते। पार्टी को शर्मिंदगी का सामना न करना पड़े, इसलिए मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं।”

सिद्धारमैया कैबिनेट से भी हटे थे बी. नागेंद्र

वाल्मीकि कॉरपोरेशन से फंड को बिना मंजूरी के दूसरी जगह प्रयोग करने के आरोपों के चलते बी. नागेंद्र ने जून, 2024 में सिद्धारमैया के मंत्रिमंडल से भी त्यागपत्र दे दिया था। उन्हें गत तीन अगस्त को दोबारा कैबिनेट में शामिल किया गया था और योजना और सांख्यिकी विभाग के मंत्री के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी।

डीके शिवकुमार ने त्यागपत्र की संभावना से किया था इनकार

हालांकि, कर्नाटक के सीएम डी.के. शिवकुमार ने बीते बुधवार को स्पष्ट किया था कि मंत्री बी. नागेंद्र ने पार्टी के निर्देशों के बाद ही पहले भी अपना इस्तीफा दिया था। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीके शिवकुमार ने कहा था, ‘यह सब विपक्षी पार्टियों की करतूत है। बी. नागेंद्र ने हमारे कहने पर पहले भी इस्तीफा दे दिया था। अभी ऐसी कोई बात नहीं है।’

विपक्ष के नेता आर. अशोक ने की थी धरने की घोषणा

गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने बीते सोमवार को विधानसभा के भीतर अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा की थी और कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर बी. नागेंद्र को बचाने का आरोप लगाया था।

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