चमोली (उत्तराखंड), 13 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम दर्दनाक हादसा हो गया, जब अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टीआरटी (टेल रेस टनल) में सरिया वेल्डिंग के दौरान भारी भूस्खलन होने से 28 मजदूर फंस गए। बचाव दल ने इनमें से 22 मजदूरों को निकाला। लेकिन उनमें से नौ मजदूरों की मौत हो चुकी है जबकि 11 जिला अस्पताल में भर्ती हैं। एक पीपलकोटी विवेकानंद धर्मार्थ अस्पताल में भर्ती है और एक को रेफर किया गया है। वहीं छह मजदूरों की तलाश जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसा शाम करीब छह बजकर 10 मिनट पर हुआ। जिस स्थान पर मजदूर काम कर रहे थे, वहां से करीब 150 मीटर दूर हुए भूस्खलन के बाद पानी के साथ पत्थर और मलबा टनल के अंदर घुस गया, जिसकी चपेट में कई मजदूर आ गए।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। रात करीब नौ बजे तक 13 मजदूरों को घायल अवस्था में टनल से बाहर निकालकर जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया। कुछ मजदूरों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं रेस्क्यू टीमों से स्थिति की जानकारी लेते हुए बचाव कार्यों को पूरी तत्परता एवं समन्वय के साथ संचालित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा घटनास्थल पर आवश्यक संसाधन एवं व्यवस्थाएं जुटाई जा रही हैं तथा पूरे घटनाक्रम पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
LIVE: आपदा परिचालन केंद्र, देहरादून से मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में मलबा एवं पानी भरने की सूचना के बाद चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आवश्यक दिशा निर्देश
https://t.co/uzI75q61w2— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 13, 2026
सीएम धामी ने दिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य के निर्देश
इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल तथा राज्य आपदा प्रतिवादन बल की टीमों को तत्काल घटनास्थल पर भेज दिया गया है। जिला प्रशासन सहित सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को समन्वय के साथ त्वरित राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
आपदा परिचालन केंद्र, देहरादून पहुंचकर मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
टनल में फंसे 22 श्रमिकों में से अब तक 16 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शेष… pic.twitter.com/4QZ8I8lHSB
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 13, 2026
राज्यपाल ने भी जताई चिंता
वहीं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने भी चमोली जनपद के पीपलकोटी में टीएचडीसी की सुरंग में मलबा एवं पानी आने की घटना पर चिंता व्यक्त की है। राज्यपाल ने इस संबंध में सचिव, आपदा प्रबंधन से वार्ता कर घटनाक्रम तथा राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली।
राज्यपाल ने कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस एवं स्थानीय प्रशासन सहित सभी संबंधित राहत एवं बचाव एजेंसियां पूरी तत्परता के साथ युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि त्वरित काररवाई करते हुए कई श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जो राहत की बात है। राज्यपाल ने सुरंग में फंसे अन्य श्रमिकों को शीघ्र सकुशल बाहर निकालने हेतु हर संभव प्रयास के निर्देश दिए हैं।
पिछले वर्ष इसी परियोजना में हुआ था लोको ट्रेन हादसा
उल्लेखनीय है कि टीएचडीसी की इसी निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना में पिछले वर्ष 31 दिसम्बर की देर रात सुरंग के अंदर दो लोको ट्रेनें आपस में टकरा गईं। हादसे में करीब 60 अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर घायल हुए थे। हादसे के समय सुरंग में 100 से अधिक लोग काम कर रहे थे। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना के बाद सुरंग में लंबे समय तक निर्माण कार्य रोक दिया गया था।

