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राष्ट्रमंडल खेल 2026 : भारतीय मुक्केबाजों ने रचा इतिहास, 7 स्वर्ण व 3 रजत सहित 10 पदक जीते

राष्ट्रमंडल खेल 2026 : भारतीय मुक्केबाजों ने रचा इतिहास, 7 स्वर्ण व 3 रजत सहित 10 पदक जीते

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ग्लास्गो, एक अगस्त। भारतीय मुक्केबाजों ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में इतिहास रच दिया और शनिवार को सात स्वर्ण व तीन रजत सहित कुल 10 पदकों के साथ अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रिंग में अपने अभियान का समापन किया।

इस क्रम में महिला मुक्केबाजों ने अपेक्षाओं के अनुरूप महफिल लूट ली और पांच स्वर्ण जीते जबकि दो स्वर्ण पुरुष मुक्केबाजों के हाथ लगे। इससे पहले भारत ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 में मुक्केबाजी में तीन स्वर्ण समेत सात पदक जीते थे, जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।

जैस्मीन, प्रीति, साक्षी, अरुंधति व प्रिया ने लूटी महफिल

महिला मुक्केबाजों में मौजूदा विश्व चैम्पियन जैस्मीन लैंबोरिया (57 किलो), प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो), अरुंधति चौधरी (70 किलो), प्रिया घंघास (60 किलो) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वजन वर्गों में स्वर्ण पदक जीते। वहीं ओलम्पिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

पुरुष वर्ग में सचिन व अंकुश ने स्वर्णिम चमक बिखेरी

उधर पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच (60 किलो) और अंकुश पंघाल (70 किलो) ने स्वर्ण पदक जीते जबकि 55 किग्रा वर्ग में जादूमणि सिंह और 90 प्लस किलो स्पर्धा में नरेंदर बेरवाल ने रजत पदक जीते।

तालिका में 13 सहित 39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर उछला भारत

वस्तुतः खेलों के समापन से एक दिन पूर्व यानी स्पर्धाओं के 10वें शनिवार को भारतीयों ने कुल 16 पदक बटोरे और खुद को पदक तालिका में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड व कनाडा के बाद चौथे स्थान पर ला खड़ा किया। भारतीय खिलाड़ियों ने इस दौरान कुल आठ स्वर्ण, पांच रजत व तीन कांस्य पदक जीते। अब भारत के खाते में 13 स्वर्ण, 17 रजत व नौ कांस्य सहित कुल 39 पदक आ चुके हैं।

एसएसी एरेना में भारतीय मुक्केबाजों को घर जैसा समर्थन मिला

वस्तुतः ‘भारत माता की जय’ और ‘इंडिया इंडिया’ के नारों के बीच एसएसी एरेना में भारतीय मुक्केबाजों को घर जैसा समर्थन मिला। अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किग्रा वजन वर्ग के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराकर भारत को सातवां स्वर्ण पदक दिलाया। अंकुश ने शिट्टू के खिलाफ 4-1 के विभाजित फैसले से जीत दर्ज की।

इससे पहले सचिन सिवाच ने 60 किग्रा वजन वर्ग के रोमांचक फाइनल में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह भारत का छठा स्वर्ण पदक रहा। सचिन ने शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में एनडेवेलो को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर कर दिया जिसके बाद भारतीय मुक्केबाज ने 3-2 के विभाजित फैसले में जीत दर्ज की।

भारत के दिन के तीसरे मुकाबले में जादूमणि सिंह को ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद 0-5 से हार का सामना करना पड़ा और उन्हें रजत पदक मिला। वहीं नरेंदर को 90 प्लस किलो की खिताबी बाउट में इंग्लैंड के डामार थॉमस के हाथों 0-5 से मात खानी पड़ी।

ओलम्पिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को रजत से संतोष करना पड़ा

उधर महिला वर्ग में ओलम्पिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन को हालांकि 70 किलोवर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री से खंडित फैसले में 1-4 से मिली हार के चलते रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इन महिला मुक्केबाजों ने बिखेरा जलवा

फिलहाल रिंग में उतरीं अन्य पांच मुक्केबाजों ने जलवा बिखेरा और स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं। अरुंधति ने इंग्लैंड की शेंटेले रीड को 70 किलोवर्ग के फाइनल में 5-0 से हराया। प्रीति ने 54 किग्रा फाइनल में कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को एकतरफा मुकाबले में 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।

जैस्मीन ने गत चैम्पियन माइकेला को दी शिकस्त

इसके बाद मौजूदा विश्व चैम्पियन जैस्मीन ने भी महिलाओं के 57 किग्रा वर्ग में उत्तरी आयरलैंड की गत चैम्पियन माइकेला वॉल्श को 5-0 के समान अंतर से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।

साक्षी ने 51 किग्रा फाइनल में इंग्लैंड की रूबी ह्वाइट को 5-0 से हराकर दिन में भारत को मुक्केबाजी का तीसरा स्वर्ण पदक दिलाया। प्रिया को महिलाओं के कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह से कड़ी चुनौती मिली, लेकिन भारतीय मुक्केबाज ने 4-1 के विभाजित फैसले से पहला स्थान हासिल किया।

BFI ने ऐतिहासिक प्रदर्शन पर मुक्केबाजों को दी बधाई

इस बीच भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने भारतीय मुक्केबाजों को उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन पर बधाई दी। महासंघ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 14 मुक्केबाजों में से 10 पदक जीतकर लौटे, जिनमें रिकॉर्ड सात स्वर्ण पदक शामिल हैं। महासंघ ने इसे राष्ट्रमंडल खेलों के एक ही संस्करण में भारतीय मुक्केबाजी की अभूतपूर्व उपलब्धि बताते हुए ‘मैग्निफिसेंट सेवन’ को देश का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई दी।

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