ऑस्ट्रेलियाई ओपन बैडमिंटन : सिंधु की हार से भारतीय चुनौती खत्म, सेमीफाइनल में टॉप सीड यामागुची से हारीं
सिडनी, 13 जून। पूर्व विश्व नंबर एक पीवी सिंधु शनिवार को यहां ऑस्ट्रेलियाई बैडमिंटन ओपन के सेमीफाइनल में शीर्ष वरीय व तीन बार की विश्व चैम्पियन जापानी अकाने यामागुची के हाथों सीधे गेमों में पराजित हो गईं। इसके साथ ही सुपर 500 टूर्नामेंट से जहां भारतीय चुनौती समाप्त हो गई वहीं सिंधु का BWF खिताब का इंतजार और लंबा खिंच गया।
दो बार की ओलम्पिक पदक विजेता 30 वर्षीय सिंधु ने तीसरी सीड यामागुची को पहले गेम में कड़ी टक्कर दी, लेकिन 43 मिनट तक चले मुकाबले में जापानी शटलर ने 22-20, 21-12 से जीत हासिल कर ली। देखा जाए तो दो दिग्गजों की लंबी प्रततिद्वंद्विता में सिंधु अब भी 15-14 से आगे हैं, लेकिन अकाने की यह पिछली छह मुलाकातों में पांचवीं जीत थी।
मुकाबले पर गौर करें तो सिंधु ने पहले गेम में यामागुची के हर शॉट का डटकर सामना किया। दोनों खिलाड़ियों ने लगातार छह-छह अंक हासिल किए, लेकिन भारतीय खिलाड़ी अपने गेम प्वॉइंट को अंक में बदलने में नाकाम रही। यामागुची ने संयम बनाए रखते हुए पहला गेम जीत लिया। लेकिन दूसरे गेम में खेल का रुख पूरी तरह बदल गया। यामागुची ने लगातार आठ अंक बनाकर 13-6 की बढ़त बना ली और पूरे गेम में अपना दबदबा बनाए रखते हुए आसानी से मैच जीत लिया।
सिंधु को दिसम्बर, 2024 के बाद से खिताब का इंतजार
देखा जाए तो दिसम्बर, 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल में जीत के बाद से सिंधु बीडब्ल्यूएफ टूर का खिताब नहीं जीत पाई हैं। इस सत्र में सिंधु का यह दूसरा सेमीफाइनल था। इससे पहले वह मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं, जिसमें उन्हें चीन की वांग झियी से हार का सामना करना पड़ा था। वह इस सत्र में तीन बार क्वार्टर फाइनल में भी पहुंची हैं।
चालू सत्र के लगातार चौथे फाइनल में पहुंचीं यामागुची
वहीं सत्र के लगातार चौथे फाइनल में पहुंचीं 29 वर्षीय यामागुची की अब दूसरी सीड थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग से खिताबी मुलाकात होगी। यामागुची ने चार हफ्ते पहले थाईलैंड ओपन का खिताब जीता था और सिंगापुर व इंडोनेशिया ओपन में वर्ल्ड नंबर एक एन से यंग से हारकर उपजेता रही थीं।
थाई शटलर पोर्वपावी से अकाने की होगी खिताबी टक्कर
मौजूदा विश्व नंबर आठ पोर्नपावी ने 66 मिनट तक खिंचे दूसरे सेमीफाइनल में 2017 की विजेता व चौथी वरीय जापानी नोजोमी ओकुहारा को 21-18, 11-21, 21-12 से शिकस्त दी और महिला एकल फाइनल को जापान का घरेलू मामला बनने से रोका।
