1. Home
  2. राज्य
  3. उत्तरप्रदेश
  4. यूपी : वृंदावन के अक्रूर घाट का होगा सौंदर्यीकरण, योगी सरकार ने मंजूर की 6 करोड़ से ज्यादा की राशि
यूपी : वृंदावन के अक्रूर घाट का होगा सौंदर्यीकरण, योगी सरकार ने मंजूर की 6 करोड़ से ज्यादा की राशि

यूपी : वृंदावन के अक्रूर घाट का होगा सौंदर्यीकरण, योगी सरकार ने मंजूर की 6 करोड़ से ज्यादा की राशि

0
Social Share

लखनऊ, 8 मई। भगवान श्रीकृष्ण की लीला के साक्षी रहे मथुरा-वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं को अब आस्था के साथ आधुनिक सुविधाओं का बेहतर अनुभव मिलेगा। इस क्रम में द्वापर युगीन आस्था से जुड़ा अक्रूर घाट अब धार्मिक चेतना और पर्यटन विकास का नया केंद्र बनेगा।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने वृंदावन में यमुना नदी के दाएं तट पर स्थित अक्रूर घाट के निर्माण और सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया है। सरकार ने इस निमित्त 6.35 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी देते हुए 3.17 करोड़ रुपये जारी भी कर दिए हैं।

अक्रूर घाट का पौराणिक महत्व

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि ‘मथुरा-वृंदावन की पवित्र भूमि पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर दर्शन अनुभव कराना सरकार की प्राथमिकता है। अक्रूर घाट का विशेष पौराणिक महत्व है। यह भगवान श्रीकृष्ण व बलराम से जुड़ी कथाओं का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा पर भव्य मेले का आयोजन होता है।

जयवीर सिंह ने भी बताया कि धार्मिक पर्यटन के प्रति बढ़ते रुझान, बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं के विस्तार के चलते उत्तर प्रदेश घरेलू पर्यटन में शीर्ष स्थान पर पहुंचा है। नतीजतन, वर्ष 2025 में 10.24 करोड़ से अधिक पर्यटक मथुरा पहुंचे थे।

घाट के विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार

परियोजना के तहत अक्रूर घाट के विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इस क्रम में 30 मीटर लंबाई में 14 मीटर और पांच मीटर गहराई तक शीट पाइलिंग की जाएगी। दोनों शीट पाइल को जोड़ने के लिए हर तीन मीटर पर 45 एमएम व्यास की एंकर बार लगाई जाएगी। इसके अलावा पांच मीटर चौड़े स्नान प्लेटफॉर्म का निर्माण होगा।

घाट की सीढ़ियों पर लाल पत्थर लगाए जाएंगे। घाट पर पर्याप्त जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 220 मीटर लंबा चैनल भी खोदा जाएगा, साथ ही अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम हिस्सों में स्लोप पिचिंग का कार्य कराया जाएगा, जिससे घाट की संरचना मजबूत और सुरक्षित बनी रहे।

श्रीकृष्ण कोई साधारण बालक नहीं थे

मथुरा-वृंदावन मार्ग पर यमुना तट स्थित अक्रूर घाट का पौराणिक महत्व है। मान्यता है कि जब कंस के बुलावे पर अक्रूर जी श्रीकृष्ण और बलराम को लेकर मथुरा जा रहे थे, तब इसी स्थान पर विश्राम के दौरान यमुना स्नान करते समय उन्हें जल के भीतर भगवान विष्णु के चतुर्भुज स्वरूप में श्रीकृष्ण और बलराम के दिव्य दर्शन हुए थे। इस अलौकिक अनुभूति ने अक्रूर जी को यह विश्वास दिलाया कि श्रीकृष्ण कोई साधारण बालक नहीं, बल्कि स्वयं नारायण के अवतार हैं। यही कारण है कि अक्रूर घाट आज भी श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था और रहस्य से भरा पवित्र स्थल बना हुआ है।

मथुरा रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड से सुगम आवागमन

मथुरा रेलवे स्टेशन दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख आगमन बिंदु है, जहां अधिकतर ट्रेनें ठहरती हैं। रेलवे स्टेशन के पास ही बस स्टैंड स्थित होने से आवागमन और भी सुगम हो जाता है। अक्रूर घाट की दूरी मथुरा रेलवे स्टेशन से लगभग 16 किलोमीटर और नए बस स्टैंड से करीब 15 किलोमीटर है, जिससे यात्रियों को वहां तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code