1. Home
  2. हिन्दी
  3. अंतरराष्ट्रीय
  4. बर्लिन में भारतीय समुदाय के बीच बोले राजनाथ सिंह- जर्मनी और भारत के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ हैं प्रवाशी
बर्लिन में भारतीय समुदाय के बीच बोले राजनाथ सिंह- जर्मनी और भारत के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ हैं प्रवाशी

बर्लिन में भारतीय समुदाय के बीच बोले राजनाथ सिंह- जर्मनी और भारत के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ हैं प्रवाशी

0
Social Share

बर्लिन, 22 अप्रैल। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी की राजधानी बर्लिन में भारतीय समुदाय के लोगों से आत्मीय माहौल में मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय के लोगों से खुलकर संवाद किया और प्रवासी भारतीयों की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी भारत और जर्मनी के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ की तरह हैं।

राजनाथ सिंह ने यहां मौजूद लोगों से कहा, ‘बीते कुछ वर्षों में आपकी भूमिका और भी मजबूत हुई है और आप दोनों देशों को करीब लाने में अहम योगदान दे रहे हैं। आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और बुनियादी ढांचे में बड़े स्तर पर विकास हो रहा है। इसके साथ ही भारत में स्टार्टअप का माहौल भी तेजी से बढ़ा है, जहां युवा नए-नए विचारों के साथ आगे आ रहे हैं।’

रक्षा मंत्री ने अंतरिक्ष और डिजिटल क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि भारत इन क्षेत्रों में भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उल्लेखनीय है कि डिजिटल तकनीक के जरिए आम लोगों तक सेवाएं पहुंचाना आसान हुआ है और इससे देश की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और तेजी आई है।

प्रवासी भारतीय जर्मनी में भारत की पहचान को मजबूत बना रहे

दरअसल, जर्मनी में प्रवासी भारतीय भारत की पहचान को मजबूत बना रहे हैं। उनकी मेहनत और उपलब्धियां भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर और बेहतर बनाती हैं। रक्षा विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई है कि भारतीय समुदाय आगे भी भारत और जर्मनी के बीच संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। इस मुलाकात के दौरान भारतीय समुदाय के लोगों ने भी अपने अनुभव साझा किए और भारत की प्रगति पर गर्व जताया।

जर्मनी संसद के सदस्यों को भी संबोधित किया

इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ ने जर्मनी की संसद के सदस्यों को संबोधित करते हुए भारत-जर्मनी के बीच रक्षा औद्योगिक साझेदारी को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने जर्मन उद्योगों को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत भारत में सह-निर्माण, सह-विकास और सह-नवाचार के लिए आमंत्रित किया। राजनाथ सिंह जर्मनी की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं। बर्लिन में अपने तीन दिवसीय दौरे के पहले दिन उन्होंने जर्मन संसद की रक्षा और सुरक्षा संबंधी स्थायी समिति को संबोधित किया था।

बदलते हालात के अनुरूप खुद को ढालने की इच्छा आज के समय में बेहद जरूरी

राजनाथ सिंह ने यहां कहा कि आज दुनिया नए प्रकार के सुरक्षा खतरों का सामना कर रही है। तकनीकी बदलावों ने स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है। ऐसे में बदलते माहौल के अनुरूप ढलने की क्षमता और नई सोच अपनाना समय की मांग है। उन्होंने यहां आत्मनिर्भर भारत पहल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत केवल खरीद से जुड़ा कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सह-निर्माण, सह-विकास और सह-नवाचार का एक खुला निमंत्रण है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि समन्वित प्रतिक्रिया, भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारी और बदलते हालात के अनुरूप खुद को ढालने की इच्छा आज के समय में बेहद जरूरी है। पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति का उल्लेख करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस संदर्भ में भारत की सक्रिय और समन्वित रणनीति यह दर्शाती है कि देश वैश्विक संकटों का सामना शांति, दूरदर्शिता और प्रभावी संस्थागत समन्वय के साथ करने में सक्षम है।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code