1. Home
  2. हिन्दी
  3. राजनीति
  4. सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को लगाई फटकार, कसाब का किया जिक्र
सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को लगाई फटकार, कसाब का किया जिक्र

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को लगाई फटकार, कसाब का किया जिक्र

0
Social Share

नई दिल्ली, 20 जनवरी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता मेनका गांधी को आवारा कुत्तों से जुड़े कोर्ट के आदेशों की आलोचना करने पर कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि ऐसे बयान अवमानना के दायरे में आते हैं, हालांकि इस मामले में औपचारिक आरोप लगाने से इनकार किया गया।

कोर्ट ने भाजपा नेता की बॉडी लैंग्वेज पर भी सवाल उठाए

सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी के हालिया पॉडकास्ट पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक पशु अधिकार कार्यकर्ता होने के बावजूद गांधी ने बिना सोच-विचार के कई तरह की टिप्पणियां कीं, जो उचित नहीं है। कोर्ट ने भाजपा नेता की बॉडी लैंग्वेज पर भी सवाल उठाए।

मंत्री रहते हुए आवारा कुत्तों की समस्या से निबटने के लिए क्या कोशिश की थी?

जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मेनका गांधी से सवाल किया कि केंद्रीय मंत्री रहते हुए उन्होंने आवारा कुत्तों की समस्या से निबटने के लिए किसी तरह के बजटीय प्रावधान दिलाने की कोशिश की थी या नहीं। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि भाजपा नेता मेनका गांधी पहले महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय और पशु कल्याण जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

मेनका की तरफ से पेश राजू रामचंद्रन को कड़ी फटकार

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मेनका गांधी की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील राजू रामचंद्रन को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा, ‘आप कह रहे हैं कि अदालत को टिप्पणी करते समय सतर्क रहना चाहिए, लेकिन क्या आपने अपने मुवक्किल से यह पूछा कि उन्होंने खुद किस तरह के बयान दिए हैं? क्या आपने उनका पॉडकास्ट सुना है? उन्होंने लगभग सभी के खिलाफ तरह-तरह की टिप्पणियां की हैं। क्या आपने उनकी बॉडी लैंग्वेज पर भी ध्यान दिया है?’

कसाब ने कोर्ट की अवमानना नहीं की थी, लेकिन मेनका के मामले में हुआ

रामचंद्रन की दलील पर बेंच ने सख्त रुख अपनाया। जस्टिस विक्रम नाथ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अजमल कसाब ने अदालत की अवमानना नहीं की थी, लेकिन मेनका गांधी के मामले में ऐसा हुआ है। इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अपनी ‘दया’ के चलते मेनका गांधी के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू नहीं कर रहा है। हालांकि बेंच ने यह साफ नहीं किया कि कौन-सी टिप्पणी अपमानजनक मानी गई, लेकिन यह जरूर याद दिलाया गया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पिछले वर्ष कोर्ट के आदेशों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।

Join our WhatsApp Channel

And stay informed with the latest news and updates.

Join Now
revoi whats app qr code