माघ मेला 2026 : पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रथ रोका, धक्का-मुक्की का आरोप लगा धरने पर बैठे शंकराचार्य
प्रयागराज, 18 जनवरी। संगम नगरी में जारी माघ मेले में मौवी अमावस्या पर ज्योतिष पीठ के शंकरचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रशासन ने रथ पर जाकर संगम स्नान करने से रोक दिया है। इसके बाद नाराज शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपने शिविर के बाहर धरने पर बैठे गए। उन्होंने कहा कि जबतक प्रशासन सह सम्मान स्नान के लिए नहीं ले जाता स्नान नहीं करूंगा।
संगम में डुबकी लगाए बिना लौट गए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
दरअसल, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने अनुयायियों के साथ रथ पर सवार होकर संगम नोज तक जाना चाहते थे जबकि प्रशासन उनसे पैदल जाकर स्नान करने को कह रहा था। इसी टकराव, धक्का-मुक्की और हंगामे के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद संगम वॉच टॉवर के पास वापसी मार्ग पर तीन घंटे तक खड़े रहे। अंततः संगम में डुबकी लगाए बिना वह लौट गए।
कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार और डीएम मनीष कुमार वर्मा के मनाने के बाद भी जब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद नहीं माने तो पुलिस ने बलपूर्वक उनको वहां से हटाना शुरू किया। इस दौरान साधु-संन्यासियों ने विरोध करना शुरू किया, जिससे बाद हाथापाई तक हो गई।
पुलिस कर्मियों और साधुओं के बीच तीखी झड़प
पुलिस कर्मियों और साधुओं के बीच तीखी झड़प हुई। इसके बाद कुछ साधुओं को पुलिसकर्मियों ने घसीट कर वहां से हटा दिया। इस दौरान उनके अनुयायियों और पुलिस बल के बीच तीखी झड़प भी हुई। पुलिस ने कई अनुयायियों को हिरासत में भी लिया है।
अनुयायियों का आरोप है कि शंकराचार्य के रथ को पुलिस के जवानों ने सादी वर्दी में खींचकर संगम नोज से एक किलोमीटर दूर छोड़ दिया। यह शंकराचार्य का अपमान है। इस तरह स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बिना मौनी अमावस्या स्नान के ही वापस लौट गए। जिस समय पुलिस साधुओं को बल पूर्वक हटा रही थी शंकराचार्य काफी क्रोध में नजर आए।
4.52 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी
इस बीच मौनी अमावस्या पर देर शाम तक देशभर से आए 4.52 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर यह जानकारी शेयर की।
मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर आज सनातन संस्कृति की तपोभूमि तीर्थराज प्रयाग में पावन संगम में 4.52 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर भारतीय संस्कृति की शाश्वत परंपरा को नमन किया।
त्रिवेणी संगम में स्नान का पुण्य लाभ अर्जित करने वाले सभी पूज्य साधु-संतों,… pic.twitter.com/CuwCmHy0yq
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 18, 2026
सीएम योगी ने लिखा, ‘मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर आज सनातन संस्कृति की तपोभूमि तीर्थराज प्रयाग में पावन संगम में 4.52 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर भारतीय संस्कृति की शाश्वत परंपरा को नमन किया। त्रिवेणी संगम में स्नान का पुण्य लाभ अर्जित करने वाले सभी पूज्य साधु-संतों, धर्माचार्यों, कल्पवास के लिए पधारे साधकों एवं श्रद्धालुओं का कोटिशः अभिनंदन। इस पावन स्नान पर्व के शांतिपूर्ण व सफल आयोजन हेतु पुलिस प्रशासन, मेला प्रबंधन, स्वच्छता सेवक, स्वयंसेवी संगठन, नाविक बंधु तथा प्रदेश सरकार के सभी विभागों को हार्दिक साधुवाद।’
