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इंदौर दूषित पेयजल कांड : सीएम मोहन यादव ने इंदौर निगम कमिश्नर को जारी की नोटिस, अपर आयुक्त हटाए गए, इंजीनियर बर्खास्त

इंदौर दूषित पेयजल कांड : सीएम मोहन यादव ने इंदौर निगम कमिश्नर को जारी की नोटिस, अपर आयुक्त हटाए गए, इंजीनियर बर्खास्त

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इंदौर, 2 जनवरी। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण अब तकएक दर्जन से ज्यादा मौतों और सैकड़ों लोगों के बीमार होने की घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने शुक्रवार को मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासनिक सर्जरी करते हुए कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिराई और स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस क्रम में इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी करने, अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साथ ही इंदौर नगर निगम में आवश्यक पदों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ति करने के निर्देश भी दिए हैं।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने दूषित पानी से नागरिकों के संक्रमित होने की घटना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए संबंधित जोनल अधिकारी जोन क्रमांक 4, सहायक यंत्री और प्रभारी सहायक यंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड और प्रभारी उपयंत्री PHE को तत्काल प्रभाव से सेवा से बाहर कर दिया था। घटना की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति गठित की गई है।

अब भी 201 मरीजों की चल रहा इलाज, इनमें 32 ICU में हैं

वहीं मामले के तूल पकड़ते ही प्रशासन ने प्रभावित इलाके में युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू किया है। क्षेत्र के 40 हजार से अधिक नागरिकों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की जा चुकी है। अब तक कुल 272 मरीज भर्ती हुए हैं, जिनमें से 71 को छुट्टी मिल गई है। वर्तमान में 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 32 ICU में हैं। MY अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

मौतों की संख्या को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं

हालांकि दूषित पेयजल से अब तक हुई मौतों की संख्या को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है। प्रशासन ने केवल चार मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है। मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने 10 मौतों की जानकारी होने की बात स्वीकार की है जबकि स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक छह माह के बच्चे समेत 14 लोगों की जान जा चुकी है।

पाइपलाइन में लीकेज के कारण दूषित हुआ पानी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज की लैब टेस्ट रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि इलाके में पीने का पानी एक पाइपलाइन में लीकेज के कारण दूषित हो गया था। हालांकि, CMHO ने रिपोर्ट के विस्तृत नतीजे साझा नहीं किए। प्रशासनिक अधिकारी भी इस बारे में साफ जानकारी देने से बच रहे हैं।

भागीरथपुरा में 1400 से ज्यादा लोग उल्टी और डायरिया से प्रभावित हुए

उल्लेखनीय है कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास मुख्य पीने के पानी की सप्लाई पाइपलाइन में लीकेज मिला, जिस जगह पर एक शौचालय बना हुआ है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि लीकेज के कारण पानी की सप्लाई दूषित हो गई। पिछले नौ दिनों में भागीरथपुरा में 1400 से ज्यादा लोग उल्टी और डायरिया से प्रभावित हुए हैं।

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