संसद की कार्यवाही बाधित होने से नाराज निर्दलीय सांसद उमेश पटेल की मांग – ‘सांसदों से वसूला जाए संसद सत्र का खर्च’

नई दिल्ली, 21 अगस्त। केंद्र शासित प्रदेश दमन-दीव के निर्दलीय सांसद उमेश पटेल ने संसद के मॉनसून सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को सदन में गतिरोध के लिए सांसदों के वेतन में कटौती की मांग करते हुए संसद भवन परिसर में बैनर के साथ विरोध प्रदर्शित किया। उन्होंने सत्तापक्ष और विपक्ष से सदन नहीं चलने देने के लिए माफी मांगने की भी मांग की।

दरअसल, संसद का मानसून सत्र लगभग हंगामे की भेंट चढ़ गया। विपक्षी सांसदों ने बिहार SIR सहित अन्य मुद्दों को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही का एक भी दिन बिना हंगामे के नहीं छोड़ा। लोकसभा में चर्चा के लिए 120 घंटे का समय तय था, लेकिन चर्चा हुई महज 37 घंटे ही। इसमें भी बड़ा हिस्सा ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान निकल गया।

माफी मांगो, सत्ता पक्ष और विपक्ष माफी मांगो

दमन और दीव के निर्दलीय सांसद उमेश पटेल ने एक बैनर लेकर प्रोटेस्ट किया। उन्होंने मांग की है कि सदन की कार्यवाही नहीं चलने देने के लिए इस पर हुए खर्च का पैसा सांसदों की सैलरी से वसूला जाए. उमेश पटेल जो बैनर लेकर पहुंचे थे, उस पर ‘माफी मांगो, सत्ता पक्ष और विपक्ष माफी मांगो’ लिखा था।

उमेश पटेल ने कहा, ‘मेरी सरकार से मांग है, सदन न चलने पर सांसदों को वेतन समेत अन्य लाभ न दें। इस सत्र के लिए सदन पर हुआ खर्च भी सांसदों की जेब से वसूल किया जाए। सदन जब चला ही नहीं, तो इस पर हुए खर्च का भुगतान जनता क्यों करे।’

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