पश्चिम बंगाल – सीएम शुभेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक में 5 बड़े फैसले, शासन व सुरक्षा इस सरकार की प्राथमिकता
कोलकाता, 11 मई। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अगुआई वाली नवनिर्वाचित भाजपा सरकार की सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक हुई। शुभेंदु के साथ सभी पांच कैबिनेट मंत्रियों की मौजूदगी में हुई इस बैठक के दौरान पांच बड़े फैसले किए गए।

पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के मतदाताओं, चुनाव आयोग और इस विशाल चुनाव प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मचारियों का धन्यवाद किया गया। वहीं सीएम शुभेंदु ने कहा कि शासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार का रोडमैप इस सरकार की शीर्ष प्राथमिकता होगी।
कैबिनेट के पांच अहम फैसले इस प्रकार हैं –
- आयुष्मान भारत योजना को लागू किया जाएगा। राज्य और केंद्र सरकार मिलकर राज्य में इसे लागू करने के लिए काम करेंगे। आयुष्मान भारत योजना से गरीब और कमजोर परिवारों को इलाज मिलता है। इसमें हर वर्ष पांच लाख रुपये तक सालाना कवरेज मिलता है। ये इलाज कैशलेस होता है।
- नियमों के अनुसार आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी।
- बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) तत्काल प्रभाव से राज्य में लागू हो गया। सीएम ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की अगुआई वाली पिछली सरकार ने संविधान का उल्लंघन करते हुए बीएनएस लागू नहीं किया था। आईपीसी और सीआरपीसी पर ही काम हो रहा था।
- बॉर्डर एरियाज में जमीन ट्रांसफर का काम आज से शुरू होगा। सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 45 दिनों के अंदर जमीन स्थानांतरित की जाएगी।
- भाजपा के जिन 321 कार्यकर्ताओं ने बंगाल में जान गंवाई, उनके परिवारों की पूरी जिम्मेदारी सरकार लेगी। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने दावा किया है कि बंगाल में ममता सरकार के दौरान उसके 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हिंसा में हत्या हुई।
BSF को बांग्लादेश बॉर्डर फेंसिंग के लिए 45 दिनों के अंदर जमीन दी जाएगी
सीएम शुभेंदु ने कैबिनेट बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘बंगाल के सीमावर्ती जिलों में लगातार बदलती जनसंख्या को देखते हुए, हमारे मंत्रिमंडल ने सीमा पर बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को आवश्यक भूमि सौंपने की प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव और राज्य के भूमि एवं भू-राजस्व विभाग के सचिव को अगले 45 दिनों के भीतर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है।’
उन्होंने बताया कि टीएमसी सरकार ने संविधान और जनता के साथ विश्वासघात किया और जान बूझकर बंगाल में जनगणना प्रक्रिया को रोके रखा ताकि महिलाओं के लिए आरक्षण को रोका जा सके। लेकिन अब मंत्रिमंडल ने राज्य में परिपत्र को तत्काल प्रभाव से लागू करने की मंजूरी दे दी है।
नया आपराधिक कानून बीएनएस तत्काल प्रभाव से लागू
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) मतलब नया आपराधिक कानून, जो पूर्ववर्ती आईपीसी और सीआरपीसी की जगह ले रहा है। राज्य में टीएमसी सरकार द्वारा आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि पहली कैबिनेट बैठक में नए कानून को लागू करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।
