गढ़चिरौली (महाराष्ट्र), 19 मार्च। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है, जहां 11 नक्सलियों ने पुलिस और CRPF के सामने आत्मसमर्पण कर दिया इन नक्सलियों पर कुल 68 लाख रुपये का ईनाम घोषित था। इनमें DVC और कमांडर जैसे शीर्ष पदों के नेता शामिल हैं। ये सभी नक्सली गढ़चिरौली और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थे।
इन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के समूह में सोनी उर्फ बाली मट्टामी (DVC), बुदरी उर्फ रामबत्ती मट्टामी (क्षेत्रीय समिति सचिव), सुखलाल कोक्सा (कमांडर), शांति उर्फ सोमरी तेलामी (PPC) और यमुनक्का पोट्टी पेंडम (ACM) के साथ छह अन्य सदस्य शामिल हैं।
समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं नक्सली
बताया जा रहा है कि गढ़चिरौली जिले में अब नक्सली आंदोलन अपने अंत के करीब है। जो आंदोलन पहले 10 उप-मंडलों में फैला था, वह अब मुख्य रूप से भामरागढ़ के सीमावर्ती इलाकों तक सिमट गया है। सरकार की आत्मसमर्पण नीति और पुलिस व CRPF के लगातार अभियानों की वजह से कई नक्सली अब समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। पुलिस प्रशासन अब इन सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास पर पूरा जोर दे रहा है ताकि वे समाज की मुख्यधारा में लौट सकें।
नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता
वस्तुतः वर्ष 2025 से अब तक कुल 123 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं। यदि अब तक की कुल संख्या देखें, तो 794 नक्सलियों ने पुलिस के सामने हथियार डाले हैं। खास बात यह है कि अक्टूबर, 2025 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में वरिष्ठ नक्सली नेता भूपति उर्फ सोनू सहित 61 नक्सलियों ने अपने हथियारों के साथ सरेंडर किया था। भूपति के सरेंडर के बाद, देशभर में कुल 897 नक्सलियों ने 545 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है।
